रांची , अक्टूबर 21 -- झारखंड के जमशेदपुर के एग्रिको स्थित सीएसआईआर-राष्ट्रीय धातुकर्म प्रयोगशाला (एनएमएल) के आवासीय परिसर में श्री श्री दुर्गा पूजा समिति की ओर से पांच दिवसीय दुर्गोत्सव का भव्य आयोजन किया गया।

मां दुर्गा की आराधना, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, विभिन्न प्रतियोगिताओं और पारिवारिक सहभागिता ने पूरे परिसर को भक्तिमय और उत्सवमय बना दिया। आयोजन में बच्चों और परिवारों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।

दुर्गोत्सव धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने सामुदायिक सद्भाव, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकता का संदेश भी दिया। विभिन्न प्रतियोगिताओं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में प्रतिभागियों ने अपनी प्रतिभा और रचनात्मकता का प्रदर्शन किया। वहीं, बच्चों की सक्रिय भागीदारी ने आयोजन को खास बना दिया।

समिति की ओर से आयोजित इस महोत्सव ने नई पीढ़ी को भारतीय परंपराओं, नैतिक मूल्यों और सामूहिक जीवन की भावना से जोड़ने का प्रयास किया। मां दुर्गा की आराधना के साथ संपन्न यह उत्सव शक्ति, साहस, सद्भाव और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक बना। दुर्गोत्सव के माध्यम से सत्य की असत्य पर, न्याय की अन्याय पर और आशा की निराशा पर विजय का संदेश भी दिया गया।

इस वर्ष के दुर्गोत्सव का विशेष महत्व रहा, क्योंकि अगले वर्ष श्री श्री दुर्गा पूजा/काली पूजा समिति अपनी स्थापना के 50 वर्ष पूरे करने जा रही है। स्वर्ण जयंती का यह अवसर समिति की पांच दशकों की सांस्कृतिक यात्रा, सामुदायिक योगदान और पीढ़ियों से चली आ रही परंपराओं को याद करने का मौका होगा।

स्वर्ण जयंती समारोह को भव्य बनाने की तैयारी को लेकर आवासीय परिसर के लोगों में उत्साह है। इस आयोजन के माध्यम से समिति से जुड़े पुराने सहयोगियों और श्रद्धालुओं के योगदान को सम्मानित करने के साथ-साथ भावी पीढ़ी को इस सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने की भी उम्मीद है।

दुर्गोत्सव की सफलता में परिसर के निवासियों की सामूहिक भागीदारी की अहम भूमिका रही। परिवारों की उपस्थिति, बच्चों का उत्साह और सांस्कृतिक गतिविधियों में लोगों की सक्रिय सहभागिता ने इसे एक जीवंत सामुदायिक उत्सव का रूप दिया। आयोजन ने सामाजिक सौहार्द, पारिवारिक एकता और सामूहिक उत्तरदायित्व की भावना को मजबूत किया।

समिति ने आयोजन को सफल बनाने में योगदान देने वाले सभी सदस्यों और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया। इनमें डॉ. संदीप घोष चौधरी, ओ. निवास राव, विल्व विशाल, डॉ. कृष्ण कुमार, राजीव श्रीवास्तव, सुब्रमण्यम, डॉ. अंजनी साहू, सरोज कुमार, अभिषेक कुमार, देव प्रकाश सिंह, पी.पी. पॉल, नवीन शर्मा, डॉ. बीना कुमारी, डॉ. पुरुषोत्तम कुमार और डी.पी. साहू सहित अन्य लोग शामिल रहे।

एनएमएल के एग्रिको आवासीय परिसर का यह दुर्गोत्सव आस्था, संस्कृति और सामुदायिक एकता का प्रतीक बना। पांच दिवसीय महोत्सव ने लोगों के बीच सुखद स्मृतियां छोड़ीं और आगामी वर्ष होने वाले स्वर्ण जयंती समारोह के लिए नई उमंग पैदा की।

यह आयोजन सुखद स्मृतियाँ छोड़ गया और आगामी स्वर्ण जयंती समारोह के लिए नई उमंग जगा गया। पूजा समारोह को सफल बनाने के लिए डॉक्टर संदीप घोष चौधरी, ओ निवास राव, विल्व विशाल, डॉ कृष्ण कुमार, राजीव श्रीवास्तव, सुब्रमण्यम, डॉ अंजनी साहू, सरोज कुमार, अभिषेक कुमार, देव प्रकाश सिंह, पी पी पॉल, नवीन शर्मा, डॉ बीना कुमारी, डॉ पुरुषोत्तम कुमार, डी पी साहू, इत्यादि का योगदान रहा।

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