मुंबई , मई 11 -- नवी मुंबई नगर निगम (एनएमएमसी) ने महाराष्ट्र का सबसे बड़ा सिंगल-रूफ डायलिसिस सेंटर शुरू कर दिया है। यह 50 बिस्तरों वाला सेंटर, सैटेलाइट शहर नवी मुंबई के वाशी सेक्टर 14 में स्थित विवेकानंद सांस्कृतिक केंद्र में बनाया गया है।
किडनी से जुड़ी देखभाल की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए शुरू किया गया यह केंद्र मुफ़्त में डायलिसिस की सुविधा देता है। अधिकारियों ने बताया कि इस कदम का मकसद मरीज़ों पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ को कम करना है, क्योंकि निजी डायलिसिस सेंटर में आमतौर पर एक सेशन का खर्च 3,000 से 3,500 रुपये के बीच आता है और इसकी ज़रूरत हफ़्ते में दो से तीन बार पड़ती है।
नगर आयुक्त डॉ. कैलाश शिंदे ने सोमवार को इस विस्तारित सेंटर का निरीक्षण किया और अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे ज़्यादा से ज़्यादा लोगों तक पहुँचें, ताकि ज़रूरतमंद नागरिकों को इसका फ़ायदा मिल सके। जनवरी में शुरू होने के बाद से इस केंद्र में अब तक 1,000 से ज़्यादा मरीज़ों का इलाज किया जा चुका है।
आयुक्त ने यह भी बताया कि डायलिसिस से जुड़ी यह पहल, राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण कार्यक्रम के तहत चलाए जा रहे 'गैर-संक्रामक रोग' (एनसीडी ) अभियान का ही एक हिस्सा है। इस अभियान के तहत, 30 साल से ज़्यादा उम्र के नागरिकों की स्वास्थ्य जाँच की जा रही है, ताकि मधुमेह (डायबिटीज़), उच्च रक्तचाप , कैंसर, हृदय रोग और स्ट्रोक जैसी बीमारियों का शुरुआती दौर में ही पता लगाया जा सके और उनकी रोकथाम की जा सके।
इस नए सेंटर के शुरू होने के साथ ही पूरे शहर में एनएमएनसी की कुल डायलिसिस क्षमता अब बढ़कर 85 बिस्तरों की हो गयी है। इनमें वाशी पब्लिक हॉस्पिटल के 10 बिस्तर, नेरुल और ऐरोली अस्पतालों के 11-11 बिस्तर, और सीबी़ी बेलापुर सेंटर के तीन बिस्तर शामिल हैं।
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