लखनऊ , जनवरी 29 -- संयुक्त राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ उत्तर प्रदेश के प्रदेश महामंत्री योगेश कुमार उपाध्याय ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के अंतर्गत कार्यरत लगभग 98 हजार संविदा कर्मियों एवं उनके परिवारों को मुख्यमंत्री जनआरोग्य योजना में शामिल कर पांच लाख तक का स्वास्थ्य बीमा कवरेज दिया जाए।

इस बाबत मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में योगेश कुमार उपाध्याय ने कहा कि एनएचएम संविदा कर्मी प्रदेश की सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ हैं, जो सीमित मानदेय और कठिन परिस्थितियों में आमजन को सेवाएं दे रहे हैं। लेकिन विडंबना यह है कि यही कर्मी आज भी स्वास्थ्य बीमा जैसी बुनियादी सामाजिक सुरक्षा से वंचित हैं। गंभीर बीमारी या दुर्घटना की स्थिति में अल्प मानदेय पाने वाले कर्मियों के लिए इलाज का खर्च उठाना बेहद कठिन हो जाता है, जिससे उनके परिवार मानसिक और आर्थिक संकट में घिर जाते हैं।

उन्होंने बताया कि यदि राज्य बजट से इस योजना को लागू किया जाए तो इसका अनुमानित वार्षिक व्यय लगभग 24 करोड़ रुपये होगा, जो प्रदेश के कुल बजट की तुलना में अत्यंत नगण्य है, जबकि इसके सामाजिक और मानवीय लाभ दूरगामी होंगे। स्वास्थ्य बीमा मिलने से कर्मियों का मनोबल बढ़ेगा, कार्यक्षमता में सुधार होगा और शासन के प्रति विश्वास मजबूत होगा।

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