पटना , अप्रैल 22 -- बिहार पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल की अध्यक्षता में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ( एनएचएआई), मिनिस्ट्री ऑफ रोड ट्रांसपोर्ट एंड हाईवेज (मोर्थ) के स्तर से स्वीकृत सड़क परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।

बैठक में राज्य की सड़क अवसंरचना को गति देने के लिए लंबित भू-अर्जन, फॉरेस्ट क्लियरेंस और टेंडर प्रक्रियाओं पर कड़े निर्देश दिए गए। इस महत्वपूर्ण बैठक में पथ निर्माण विभाग की विशेष सचिव, एनएचएआई एवं मोर्थ के क्षेत्रीय पदाधिकारी, अभियंता प्रमुख तथा विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

बैठक में राज्य में करीब 218 किलोमीटर लंबाई (कुल लागत 8134 करोड़ रुपये) की राष्ट्रीय उच्च पथ की कुल 6 परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई, जो भू-अर्जन एवं वैधानिक स्वीकृतियों के कारण कार्यारंभ शुरू नहीं हो सका है। साथ ही 360 किलोमीटर लंबाई की 11222 करोड़ की लागत से 12 परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई, जिनकी स्वीकृति के बाद कार्य आवंटित नहीं हो पाया है।

सचिव श्री कुमार पाल ने विलंब से चल रहीं राष्ट्रीय उच्च पथ की तीन परियोजना सहित राष्ट्रीय उच्च पथ की अन्य समस्याओं की भी समीक्षा कर संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक निदेश दिए। उन्होंने फॉरेस्ट क्लियरेंस में हो रही देरी पर नाराजगी जताई और मुख्य अभियंता को निर्देश दिया कि पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के साथ निरंतर समन्वय स्थापित करें।

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