नयी दिल्ली , सितंबर 03 -- भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं में टिकाऊ और बेहतर पौधरोपण को बढ़ावा देने के लिए 'हरित राजमार्ग उत्कृष्टता पुरस्कार 2026' के विजेताओं की घोषणा की है।
आधिकारिक सूचना के अनुसार ये पुरस्कार मार्ग किनारे पौधरोपण, मध्य पट्टी पौधरोपण और भूमि क्षेत्रों में पौधरोपण की तीन श्रेणियों में दिए गए हैं। मार्ग किनारे पौधरोपण श्रेणी में आंध्र प्रदेश के राष्ट्रीय राजमार्ग-16 पर चिलकलुरिपेट बाईपास के छह लेन वाले खंड को पहला, गुजरात में वडोदरा-मुंबई द्रुतमार्ग के पदरा-वडोदरा खंड को दूसरा और राष्ट्रीय राजमार्ग-925 तथा 925ए के गगारिया-बखासर और सत्ता-गांधव खंड को तीसरा पुरस्कार मिला है।
प्राधिकरण के अनुसार मध्य पट्टी पौधरोपण में हैदराबाद-यादगिरी राष्ट्रीय राजमार्ग-163 के चार लेन वाले खंड को पहला, गुजरात में वडोदरा-मुंबई द्रुतमार्ग के सांपा-पदरा खंड को दूसरा और वाराणसी रिंग रोड के हरहुआ-संदहा खंड को तीसरा पुरस्कार दिया गया है।
भूमि क्षेत्रों में पौधरोपण श्रेणी में राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर जामथा क्लोवर लीफ और ऑक्सीजन बर्ड पार्क परियोजना को पहला, दिल्ली क्षेत्र के दुहाई इंटरचेंज स्थित भूमि क्षेत्र को दूसरा और लखनऊ में लखनऊ-अयोध्या मार्ग तथा लखनऊ बाहरी रिंग रोड के जंक्शन क्षेत्र में मियावाकी पौधारोपण को तीसरा पुरस्कार मिला है।
इन पुरस्कारों के लिए एनएचएआई को देशभर से 86 नामांकन मिले जिनमें मार्ग किनारे पौधरोपण के 27, मध्य पट्टी के 36 और भूमि क्षेत्रों में पौधरोपण के 23 नामांकन शामिल थे। अंतिम मूल्यांकन के लिए प्रत्येक श्रेणी से पांच-पांच परियोजनाओं का चयन किया गया।
मूल्यांकन में पौधों के जीवित रहने की दर को सबसे अधिक महत्व दिया गया। इसके अलावा पौधारोपण की योजना, पौधों की गुणवत्ता, सुरक्षा उपाय, प्रजातियों की विविधता, देशी प्रजातियों का उपयोग, टिकाऊपन और अन्य राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं में बेहतर प्रथाओं को अपनाने की संभावना को भी आधार बनाया गया। एनएचएआई के अनुसार 'हरित राजमार्ग उत्कृष्टता पुरस्कार' की शुरुआत 2025 में हरित राजमार्ग नीति 2015 के तहत की गई थी। इस पुरसकार का उद्देश्य राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ पौधरोपण की बेहतर प्रथाओं को बढ़ावा देना है।
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