नयी दिल्ली , अक्टूबर 16 -- राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने महाराष्ट्र के नासिक जिले में रासायनिक अपशिष्टों के रिसाव से बोरवेल का पानी दूषित होने की खबर पर स्वतः संज्ञान लिया।
एनएचआरसी ने शुक्रवार को बताया कि आयोग ने महाराष्ट्र के नासिक जिले के अंबड औद्योगिक क्षेत्र के निकट दत्तानगर इलाके में बोरवेल का पानी दूषित होने की मीडिया में प्रकाशित खबर पर स्वतः संज्ञान लिया है। इसमें कहा गया है कि आसपास के औद्योगिक क्षेत्र में स्थित कारखानों से रासायनिक अपशिष्टों के रिसाव से पानी दूषित हुआ है। रिपोर्टों के अनुसार स्थानीय निवासियों को पिछले दो महीनों से दूषित पानी मिल रहा है।
आयोग ने कहा कि मीडिया रिपोर्ट सही होने पर यह मानवाधिकार के गंभीर उल्लंघन का मामला है। आयोग ने इस सिलसिले में महाराष्ट्र के मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। आयोग ने महाराष्ट्र राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से भी इस पर जवाब मांगा है।
उल्लेखनीय है कि सात अक्टूबर को प्रकाशित मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, दूषित जल की वजह से बच्चों को स्कूल न जाने की सलाह दी गयी, जबकि डॉक्टरों ने क्षेत्र की महिलाओं को गर्भधारण से बचने की सलाह दी है। स्थानीय निवासियों को स्वच्छ पेयजल खरीदने पर हर महीने लगभग पांच हजार रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं और इलाज पर भी काफी धन खर्च हो रहा है।
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