नयी दिल्ली , अप्रैल 09 -- राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने झारखंड के रामगढ़ जिले में एक निजी इस्पात संयंत्र में हुए विस्फोट में एक व्यक्ति की कथित मौत और सात अन्य के घायल होने की घटना का स्वतः संज्ञान लिया है।

एनएचआरसी ने गुरुवार को बताया कि छह अप्रैल को झारखंड के रामगढ़ जिले के हेसला क्षेत्र में एक निजी इस्पात संयंत्र में हुए विस्फोट में एक व्यक्ति की मृत्यु और सात अन्य के गंभीर रूप से घायल होने संबंधी मीडिया रिपोर्ट का स्वतः संज्ञान लिया है। यह घटना सुबह के समय उस वक्त हुई जब काम चल रहा था। विस्फोट का कारण तकनीकी खराबी या निर्धारित सुरक्षा मानकों के पालन में लापरवाही के कारण भट्ठी के अत्यधिक तापमान बताया जा रहा है।

आयोग का मानना है कि यदि समाचार रिपोर्ट सही है, तो यह पीड़ितों के मानवाधिकारों के उल्लंघन का गंभीर मामला है। इसलिए आयोग ने झारखंड के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को नोटिस जारी करते हुए दो सप्ताह के भीतर मामले पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट में घायलों की स्थिति, जांच की प्रगति तथा मृतक श्रमिक के निकटतम परिजनों और घायलों को प्रदान किए गए मुआवजे के बारे में जानकारी देने के लिए कहा गया है।

उल्लेखनीय है कि छह अप्रैल को प्रकाशित मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, घायलों को प्रारंभ में पास के चिकित्सा केन्द्रों में ले जाया गया और बाद में बेहतर इलाज के लिए रांची के एक अस्पताल में रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान एक घायल श्रमिक की मृत्यु हो गई।

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