रायपुर , सितंबर 05 -- छत्तीसगढ़ सरकार ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के तहत प्रथम या द्वितीय सेमेस्टर के एक-दो प्रश्नपत्रों में अनुत्तीर्ण होने के कारण पांचवें सेमेस्टर में प्रवेश से वंचित छात्रों को बड़ी राहत देते हुए अंतरिम (प्रोविजनल) प्रवेश देने का निर्णय लिया है। इसके लिए संबंधित अध्यादेश में आवश्यक संशोधन भी किया जाएगा।
उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा ने शनिवार को कहा कि इस निर्णय से हजारों छात्रों का शैक्षणिक वर्ष प्रभावित होने से बच सकेगा। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा विभाग और राज्य सरकार प्रदेश के युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के प्रति संवेदनशील है तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि एनईपी के क्रियान्वयन में किसी तरह की व्यावहारिक समस्या आने पर छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए उसका त्वरित समाधान किया जाएगा। इसी के तहत प्रथम या द्वितीय सेमेस्टर के एक या दो प्रश्नपत्रों में अनुत्तीर्ण होने के कारण पांचवें सेमेस्टर में दाखिला नहीं ले पा रहे छात्रों को अब अंतरिम रूप से प्रवेश दिया जाएगा।
श्री वर्मा ने कहा कि छात्रों के व्यापक हित को देखते हुए संबंधित अध्यादेश में समय रहते आवश्यक संशोधन किए जाएंगे।
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