मलप्पुरम , अगस्त 09 -- राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने केरल के मलप्पुरम जिले में भारी मात्रा में गैरकानूनी विस्फोटक बरामद होने के मामले में एक और मुख्य आरोपी हारिस टीए को गिरफ्तार किया है।
एनआईए ने शनिवार को हारिस को मलप्पुरम जिले के मंजीरी इलाके से पकड़ा। आरोप है कि वह इस मामले में जब्त किए गए विस्फोटकों की अवैध खरीद-बिक्री में शामिल मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक है।
यह मामला सात फरवरी 2026 का है, जब केरल पुलिस ने मलप्पुरम के चेम्माड-थलप्पारा रोड पर स्थित 'फरहा हॉलो ब्रिक्स कंपनी' के परिसर में खड़ी एक लॉरी से 89,600 विस्फोटक छड़ें (एक्सप्लोसिव स्टिक्स) और 10,500 शॉक ट्यूब्स जब्त की थीं। पुलिस ने मौके से तीन लोगों को गिरफ्तार किया था, जो विस्फोटकों के परिवहन या कब्जे से जुड़ा कोई वैध लाइसेंस पेश नहीं कर सके थे। यह विस्फोटक 448 बक्सों और 35 कार्टन में रखे गए थे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एनआईए ने जांच अपने हाथ में ली और नए सिरे से मामला दर्ज किया। जांच के दौरान एजेंसी ने केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु में 19 ठिकानों पर छापेमारी की, जहां से कई संदिग्ध दस्तावेज और सामग्रियां बरामद हुईं। एनआईए के अनुसार, कुछ आरोपी लाइसेंस प्राप्त डीलर होने के बावजूद कानूनी नियमों का उल्लंघन करके अवैध रूप से विस्फोटक बेच रहे थे।
इससे पहले सात अगस्त को एनआईए ने कर्नाटक के विजयपुरा से तीन और आरोपियों मंतगौड़ बिरादर, बापगौड़ भीरमया चौधरी और प्रकाश गौड़ा बिरादर को गिरफ्तार किया था।
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