श्रीनगर , मई 25 -- जम्मू-कश्मीर में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने प्रतिबंधित संगठन जमात-ए-इस्लामी से जुड़े आतंकवादी संगठनों को धन मुहैया कराने के मामले में श्रीनगर और शोपियां जिलों में 3 स्थानों पर छापेमारी की है। इस कार्रवाई के दौरान एनआईए ने कई आपत्तिजनक वित्तीय दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं।
एनआईए जमाते-ए-इस्लामी की अलगाववादी और अलगाववादी गतिविधियों की जांच कर रही है, जिसे यूए (पी) अधिनियम के तहत गैर-कानूनी संगठन घोषित किया गया है। यह 2021 में दर्ज मामले की जांच का हिस्सा है। एनआईए ने हालांकि उन जगहों के बारे में ठीक से नहीं बताया जहां तलाशी ली गई लेकिन अधिकारियों ने कहा कि दारुल उलूम सिराज-उल-उलूम मदरसे की भी तलाशी ली गई, जिसे पिछले महीने जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने गैर-कानूनी संगठन घोषित किया था। यह मदरसा जम्मू-कश्मीर का पहला धार्मिक शिक्षण संस्थान बन गया जिसे गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत गैर-कानूनी घोषित किया गया।
आतंकवादी निरोधी एजेंसी ने कहा कि एनआईए की जांच से अब तक पता चला है कि जमाते-ए-इस्लामी घाटी और भारत के दूसरे हिस्सों में धन इकट्ठा करने और आतंकवाद को बढ़ावा देने में शामिल था। यह स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे परोपकार और कल्याणकारी गतिविधियों के लिए दान के नाम पर देश और विदेश में धन इकट्ठा करने में लगा हुआ था।
यह ऐसे धन को हिंसक और अलगाववादी कामों में लगा रहा था और कैडर के अच्छे नेटवर्क के जरिए हिज्ब-उल-मुजाहिदीन (एचएम) और दूसरे प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों को भी भेज रहा था।
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