लखनऊ , जुलाई 27 -- उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री अजय राय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर एथेनॉल मिश्रित ईंधन नीति की कथित विफलता और भ्रष्टाचार के आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने तथा केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी को तत्काल मंत्रिमंडल से बर्खास्त करने की मांग की है।
अजय राय ने अपने पत्र में कहा कि उन्होंने 7 जुलाई को भी प्रधानमंत्री को विस्तृत पत्र लिखकर एथेनॉल मिश्रित ईंधन नीति से जुड़े वैज्ञानिक, आर्थिक, पर्यावरणीय और उपभोक्ता हितों के मुद्दे उठाए थे। श्री राय का आरोप है कि अब तक इन गंभीर सवालों पर न तो कोई संतोषजनक सार्वजनिक जवाब दिया गया है और न ही किसी स्वतंत्र वैज्ञानिक समीक्षा अथवा निष्पक्ष जांच की घोषणा की गई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ई-20 के बाद ई-85 और ई-100 जैसी नीतियों की ओर बढ़ रही है, जबकि देश के करोड़ों वाहन उपभोक्ताओं की आशंकाओं और जनहित की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने कहा कि एथेनॉल मिश्रण के समर्थन में आयातित तेल पर निर्भरता कम होने, किसानों को लाभ मिलने और उपभोक्ताओं को सस्ता ईंधन मिलने का दावा किया गया था, लेकिन एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल लगभग सामान्य पेट्रोल के बराबर कीमत पर उपलब्ध है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि यदि पेट्रोल में पानी, मिट्टी का तेल या अन्य पदार्थों की मिलावट होती है तो संबंधित पेट्रोल पंप के खिलाफ कार्रवाई होती है, लेकिन जब नीति के तहत कंपनियां एथेनॉल मिश्रण कर रही हैं तो वाहनों में तकनीकी खराबी, माइलेज में कमी, इंजन को नुकसान, बीमा दावों और वारंटी से जुड़े विवादों की जवाबदेही तय नहीं की जा रही है।
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