सहारनपुर , जुलाई 11 -- कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता अनुमा आचार्य ने शनिवार को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी पर आरोप लगाते हुए कहा कि एथनॉल मिश्रित ईंधन की नीति से उनके परिवार के व्यावसायिक हितों को लाभ पहुंच रहा है। उन्होंने दावा किया कि इस नीति के कारण देश की जनता के साथ अन्याय हो रहा है। पूर्व विंग कमांडर एवं कांग्रेस प्रवक्ता अनुमा आचार्य ने यहां पत्रकारों से बातचीत में कहा कि नितिन गडकरी प्रधानमंत्री बनने की क्षमता रखते हैं, लेकिन यदि उनकी यह आकांक्षा पूरी नहीं होती है तो उसका खामियाजा देश की जनता को नहीं भुगतना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि पेट्रोल में एथनॉल मिश्रण की नीति के माध्यम से जनता पर अतिरिक्त बोझ डाला जा रहा है।
आचार्य ने कहा कि सोशल मीडिया पर प्रसारित कुछ खबरों में यह दावा किया जा रहा है कि पांच प्रतिशत एथनॉल मिश्रण के लिए अधिकांश वाहन अनुकूल थे और आज भी हैं, लेकिन ई-20 ईंधन के लिए वर्ष 2023 से पहले निर्मित कई वाहन पूरी तरह अनुकूल नहीं हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को इस विषय में जनता के समक्ष स्पष्ट स्थिति रखनी चाहिए, क्योंकि ऐसे वाहनों में तकनीकी नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस नेता मुदित अग्रवाल के वाहन को भी नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि बीमा कंपनियां भी वर्ष 2023 के बाद निर्मित वाहनों के संबंध में ही स्पष्ट दायित्व स्वीकार कर रही हैं और पुराने वाहनों को लेकर जिम्मेदारी लेने से इंकार कर रही हैं। उनके अनुसार, इससे दोपहिया और छोटी कारों का उपयोग करने वाले बड़ी संख्या में उपभोक्ता प्रभावित हो सकते हैं।
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 140 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थी, तब भी देश में पेट्रोल लगभग 65 रुपये प्रति लीटर की दर से उपलब्ध कराया जा रहा था।
उन्होंने केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी के एक बयान का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि सरकार पेट्रोलियम कंपनियों के हितों को प्राथमिकता दे रही है, तो आम जनता को उससे राहत की अपेक्षा नहीं करनी चाहिए।
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