गौतमबुद्धनगर , मई 20 -- उत्तर प्रदेश में गौतमबुद्धनगर जिले के अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) प्रियंका की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में गौ आश्रय स्थलों के संचालन, प्रबंधन और व्यवस्थाओं की समीक्षा के लिए जिला स्तरीय अनुश्रवण एवं मूल्यांकन समिति की बैठक आयोजित की गई।

बुधवार को आयोजित बैठक में एडीएम न्यायिक ने कहा कि विभिन्न संस्थानों, सामाजिक संगठनों और जनसहभागिता के माध्यम से इस कोष को सशक्त बनाया जा सकता है। उन्होंने जनपदवासियों से भी गौ संरक्षण के लिए अधिक से अधिक सहयोग एवं सहभागिता की अपील की। इसके अलावा गो संवर्धन एवं संरक्षण कोष में धनराशि एकत्रित करने और उसके प्रभावी उपयोग पर विशेष चर्चा की गई।

बैठक में परियोजना निदेशक नेहा सिंह, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण कुमार, नोएडा, ग्रेटर नोएडा एवं यमुना प्राधिकरण के अधिकारियों, खंड विकास अधिकारी और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

एडीएम न्यायिक ने निर्देश दिए कि जिले में निराश्रित गोवंशों के शत-प्रतिशत संरक्षण के उद्देश्य से विशेष अभियान चलाया जाए। उन्होंने सभी गौ आश्रय स्थलों में गोवंशों के लिए पर्याप्त भूसा, हरा चारा, स्वच्छ पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के आदेश दिए। गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए विशेष रूप से गौशालाओं में छायादार स्थान, ठंडा एवं स्वच्छ पेयजल, पंखे, कूलिंग सिस्टम और हीट वेव से बचाव के सभी आवश्यक उपाय लागू करने के निर्देश दिए गए, ताकि गोवंशों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

साथ ही उन्होंने ग्राम सभाओं की खाली पड़ी भूमि पर हरा चारा उगाने के आदेश दिए, जिससे गौशालाओं के लिए स्थायी रूप से चारे की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके। बैठक में यह भी निर्देशित किया गया कि सभी नोडल अधिकारी नियमित रूप से गौशालाओं का निरीक्षण करें और गोवंशों की वास्तविक संख्या का रजिस्टर और पोर्टल से मिलान कर सुनिश्चित करें। इसके अतिरिक्त, गौ आश्रय केंद्रों में स्थापित सीसीटीवी कैमरों का आईपी एड्रेस और आईडी-पासवर्ड तीन दिन के भीतर मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को उपलब्ध कराना अनिवार्य किया गया।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित