लखनऊ: , जनवरी 22 -- उत्तरप्रदेश सरकार द्वारा राज्य की ऐतिहासिक धरोहरों एवं धार्मिक स्थलों के संरक्षण और विकास को लेकर महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। संस्कृति विभाग उत्तर प्रदेश की एडाप्ट हेरिटेज पॉलिसी के अंतर्गत प्रथम चरण में विभिन्न मंदिरों एवं ऐतिहासिक स्थलों के लिए स्मारक मित्रों का चयन किया गया है। इसके साथ ही दूसरे चरण में भी 10 अन्य स्मारकों के लिए स्मारक मित्र चयनित किए गए हैं।

गुरुवार को प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि इस पॉलिसी के माध्यम से राज्य संरक्षित स्थलों को बेहतर सुविधाओं से जोड़ने, साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, पर्यटक सुविधा केंद्र, मार्गदर्शन, आधारभूत विकास तथा व्यवस्थागत सुधारों की दिशा में कार्य किया जाएगा।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री ने बताया कि राज्य संरक्षित गोपीनाथ मंदिर (वृन्दावन), पोत्राकुण्ड (मथुरा), विगारा की गढ़ी (झांसी), लक्ष्मी मंदिर (झांसी), कुसुमवन सरोवर (मथुरा), रसखान की समाधि (मथुरा), बाल्मीकि आश्रम (बिठूर), शिव मंदिर का तालाब (मूरतगंज, कौशाम्बी), टिकैतराय शिव मंदिर (बिठूर), सारनाथ मंदिर, दरबाग (मिर्जापुर), गोवर्धन मंदिर, लरवाक (मिर्जापुर) तथा गुरूधाम मंदिर (वाराणसी) के लिए स्मारक मित्रों का चयन किया गया है। उन्होंने आगे बताया कि कर्दमेश्वर महादेव मंदिर (वाराणसी) के लिए आशुतोष शुक्ला को स्मारक मित्र नियुक्त किया गया है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित