चंडीगढ़ , अक्टूबर 07 -- पंजाब के पूर्व विशेष मुख्य सचिव केबीएस सिद्धू ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर से अमेरिका में नौकरी गंवाने वाले एच-1बी कर्मचारियों के लिए मौजूदा 60 दिन की छूट अवधि समाप्त करने के प्रस्ताव का औपचारिक विरोध करने और 10 नवंबर की समयसीमा से पहले अमेरिकी सरकार के समक्ष टिप्पणी दाखिल करने का आग्रह किया है।
श्री सिद्धू ने बुधवार को विदेश मंत्री को भेजे पत्र में टेक्सास में वीजा कार्रवाई से प्रभावित भारतीय परिवारों के लिए ह्यूस्टन स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास में कानूनी सहायता एवं परामर्श डेस्क स्थापित करने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि उत्तर टेक्सास में कथित ''घोस्ट ऑफिस'' और फर्जी प्रायोजकों के मामलों में दोषी कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन नियमों का पालन करने वाले भारतीय परिवारों को संदेह की नजर से नहीं देखा जाना चाहिए।
श्री सिद्धू ने भारत में विदेशी रोजगार एवं एच-1बी प्लेसमेंट परामर्श कंपनियों को विनियमित करने की मांग भी की। उन्होंने कहा कि ऐसी कंपनियां भारतीय क्षेत्र में काम करती हैं, लेकिन मौजूदा कानूनों के दायरे से काफी हद तक बाहर हैं। उन्होंने पंजाब ट्रैवल प्रोफेशनल्स रेगुलेशन एक्ट, 2012 की तर्ज पर ऐसी परामर्श कंपनियों के लाइसेंस और नियमन की व्यवस्था बनाने का सुझाव दिया।
उन्होंने कहा कि प्रस्तावित अमेरिकी नियम में बदलाव हो तो उसे भविष्य में लागू किया जाना चाहिए और पहले से अमेरिका में रह रहे लोगों को उचित संक्रमण अवधि दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि कार्रवाई कंपनियों के खिलाफ होनी चाहिए, किसी पूरे समुदाय को संदेह के घेरे में नहीं रखा जाना चाहिए।
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