रांची , अगस्त 20 -- झारखंड की औद्योगिक पहचान और देश की रणनीतिक जरूरतों से जुड़े हेवी इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन (एचईसी) को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोला है।
प्रदेश कांग्रेस अध्य्क्ष केशव महतो कमलेश ने कहा कि एचईसी को किसी भी सूरत में बंद नहीं होने दिया जाएगा। संसदीय समिति से कांग्रेस ने स्पष्ट मांग रखी है कि केंद्र सरकार एचईसी के संपूर्ण पुनरुद्धार और आधुनिकीकरण के लिए कम से कम 10 हजार करोड़ रुपये का विशेष पैकेज तत्काल जारी करे।
श्री महतो ने कहा कि आज सवाल सिर्फ एचईसी के कर्मचारियों का नहीं है, सवाल यह है कि क्या मोदी सरकार देश की औद्योगिक विरासत और रणनीतिक क्षमता को बचाना चाहती है या उसे धीरे-धीरे खत्म करके निजी हाथों में सौंपना चाहती है?उन्होंने ने कहा कि एचईसी ने देश के इस्पात, खनन, रक्षा, अंतरिक्ष और भारी उद्योगों के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। आज भी एचईसी के पास तकनीकी क्षमता, विशाल बुनियादी ढांचा और कुशल मानव संसाधन मौजूद है। केंद्र सरकार की अपनी जानकारी में भी एचईसी को रणनीतिक क्षेत्रों के लिए मशीनरी एवं उपकरण बनाने वाली संस्था के रूप में दर्ज किया गया है।
श्री महतो ने केंद्र सरकार से सवाल किया कि जब देश हजारों करोड़ रुपये की नई परियोजनाओं पर खर्च कर सकता है, तो एचईसीको पुनर्जीवित करने के लिए 10 हजार करोड़ रुपये क्यों नहीं दिए जा सकते? क्या सरकार एचईसी को जानबूझकर आर्थिक संकट में धकेलकर उसकी जमीन और परिसंपत्तियों पर नजर गड़ाए हुए है?उन्होंने कहा कि 2017 में केंद्र ने एचईसी की जमीन के मौद्रीकरण से लगभग 742.98 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बनाई थी और उस राशि के इस्तेमाल का प्रावधान कर्मचारी एवं अन्य देनदारियों के लिए किया गया था। अब सवाल यह है कि जमीन का इस्तेमाल करने के बाद एचईसी के भविष्य की जिम्मेदारी कौन लेगा?श्री कमलेश ने कहा कि केंद्र सरकार को यह बताना चाहिए कि एचईसीको पर्याप्त कार्यशील पूंजी, आधुनिक मशीनरी और उत्पादन के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने में इतनी देरी क्यों की गई। संसदीय समिति का मौजूदा दौरा भी बताता है कि एचईसी का संकट गंभीर है और उसके पुनरुद्धार पर तत्काल निर्णय की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि एचईसी को मरने के लिए छोड़ना आर्थिक अपराध से कम नहीं होगा। कांग्रेस केंद्र सरकार को स्पष्ट चेतावनी देती है कि एचईसी की जमीन बेचकर या परिसंपत्तियों का मौद्रीकरण कर समस्या का समाधान खोजने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जरूरत पड़ी तो कांग्रेस एचईसी के कर्मचारियों, अधिकारियों और झारखंड की जनता के साथ मिलकर सड़क से संसद तक संघर्ष करेगी।
श्री कमलेश ने कहा कि कांग्रेस की मांग बिल्कुल स्पष्ट है-एचईसी बंद नहीं होगा, निजीकरण नहीं होगा, जमीन की लूट नहीं होगी। केंद्र सरकार 10 हजार करोड़ रुपये का विशेष पैकेज दे, आधुनिकरण की समयबद्ध योजना बनाए, कार्यशील पूंजी उपलब्ध कराए और कर्मचारियों के लंबित वेतन एवं अन्य देनदारियों का समाधान करे।
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