चंडीगढ़ , जून 2 -- हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राज्य की सभी सहकारी चीनी मिलों को अगले एक वर्ष के भीतर लाभप्रद बनाने का लक्ष्य तय करते हुए अधिकारियों को व्यापक सुधार लागू करने के निर्देश दिए हैं। हरियाणा विजन-2047 के तहत सहकारिता विभाग की पंचवर्षीय कार्ययोजना की समीक्षा बैठक में उन्होंने प्रत्येक चीनी मिल का विस्तृत मूल्यांकन कर कमियों को दूर करने और कार्यकुशलता बढ़ाने पर जोर दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों के हित सहकारी चीनी मिलों से सीधे जुड़े हैं, इसलिए इनका आर्थिक रूप से मजबूत होना जरूरी है। उन्होंने यह भी समीक्षा करने को कहा कि निजी चीनी मिलें लाभ में हैं, जबकि सहकारी मिलें घाटे में क्यों चल रही हैं। सरकार ने चालू वर्ष में सहकारी चीनी मिलों को 632 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता दी है।

उन्होंने विभागीय कार्यप्रणाली और मानव संसाधनों का गहन विश्लेषण कर सुधार लागू करने, अनुत्पादक अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने, मिलों के आधुनिकीकरण तथा इथेनॉल और संपीड़ित बायोगैस (सीबीजी) संयंत्रों की स्थापना में तेजी लाने के निर्देश दिए। सभी सहकारी चीनी मिलों में अगले वित्तीय वर्ष तक सीबीजी प्लांट स्थापित करने का लक्ष्य भी तय किया गया है।

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