पटना, मार्च 31 -- िहार के उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को कहा कि बिहार समेत पूरा देश अब नक्सलवाद से मुक्त हो गया है। श्री चौधरी ने नक्सलवाद समस्या के पूरी तरह समाप्त होने पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को बधाई दी और बिहारवासियों की तरफ से आभार जताया। उन्होंने कहा कि देश आज लाल आतंक से मुक्त हुआ है तो यह श्री शाह के कड़े, बड़े और ठोस फैसलों का परिणाम है।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार कभी, झारखंड, महाराष्ट्र, ओडिशा, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश, केरल और पश्चिम बंगाल की तरह नक्सलवाद से सबसे ज्यादा प्रभावित राज्यों में था। उन्होंने कहा कि बिहार के 23 से अधिक जिले नक्सलवाद की चपेट में थे। इस दौरान यहां सैकड़ों लोगों की जान गई। विकास कार्य भी प्रभावित थाश्री चौधरी ने कहा कि 2005 से पहले स्थिति बेहद भयावह थी। जहानाबाद, कैमूर, गया और औरंगाबाद जैसे जिलों में नक्सलियों का इतना खौफ था कि उस समय के मुख्यमंत्री भी वहां जाने से कतराते थे, लेकिन नीतीश कुमार के नेतृत्व में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार बनने के बाद नक्सलियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू की गई।

श्री चौधरी ने कहा कि नक्सलमुक्त भारत के लक्ष्य के साथ ही कि सरकार ने नक्सलियों से मुख्यधारा में लौटने की अपील की, जिसके बाद कई बड़े इनामी नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया। जो लोग नहीं माने, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। उन्हें उनकी भाषा में जवाब दिया गया।उन्होंने बताया कि 18 फरवरी 2026 को मुंगेर में अंतिम सशस्त्र माओवादी सुरेश कोड़ा के आत्मसमर्पण के साथ ही बिहार पूरी तरह नक्सल गतिविधियों से मुक्त हो गया। अब राज्य का कोई भी जिला या प्रखंड नक्सल प्रभावित नहीं है।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार बनने के बाद नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक अभियान चलाया गया। उन्होंने कहा कि श्री शाह ने एक मार्च 2026 तक देश को नक्सलमुक्त बनाने का लक्ष्य रखा था, जो अब पूरा हो चुका है।उन्होंने कहा कि बिहार में लाल सलाम का आतंक समाप्त होना केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों का परिणाम है। बिहार की जनता की ओर से उन्होंने श्री शाह का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अब राज्य विकास और शांति के नए दौर में प्रवेश कर चुका है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित