रांची , जुलाई 31 -- झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने निर्वाचन सदन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारी, ईआरओ, एईआरओ, एडिशनल एईआरओ एवं उप निर्वाचन पदाधिकारियों को विशेष गहन पुनरीक्षण के इन्यूमरेशन फेज के समापन उपरांत 5 अगस्त से 4 सितंबर तक दावा-आपत्ति प्रक्रिया संबंधित पीपीटी के माध्यम से विस्तृत प्रशिक्षण दिया।

श्री कुमार ने कहा कि दावा-आपत्ति के दौरान प्राप्त प्रपत्रों का निष्पक्ष एवं समयबद्ध सत्यापन सुनिश्चित किया जाए। मतदाता की पहचान, जन्मतिथि, सामान्य निवास स्थान तथा घोषणा-पत्र का सत्यापन उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर किया जाएगा।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि जिन मामलों में अन-मैप्ड अथवा अन्य तार्किक विसंगतियां पाई जाएंगी, उनमें संबंधित मतदाताओं को नोटिस जारी कर आवश्यक दस्तावेज प्राप्त किए जाएंगे एवं संबंधित ईआरओ एवं एईआरओ के द्वारा तार्किक आदेश प्राप्त की जाएगी।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि 5 अगस्त को मतदाता सूची के ड्राफ्ट पब्लिकेशन के उपरांत नए मतदाताओं एवं ड्राफ्ट मतदाता सूची में राज्य के वैसे पात्र भारतीय नागरिक जो शामिल नहीं है, उनसे फॉर्म 6 एवं घोषणा पत्र भी लिये जाएंगे। इसके साथ-साथ वैसे मतदाता जो झारखंड के सामान्य निवासी है, लेकिन किसी कारण से वे किसी अन्य राज्य के मतदाता सूची में सूचीबद्ध है, वे फॉर्म 8 के साथ घोषणा पत्र भरकर झारखण्ड में स्थानांतरित कर सकते है। इन सभी प्राप्त आवेदनों का भी ईआरओ/एईआरओ स्तर से सत्यापन करते हुए, राज्य के सभी पात्र भारतीय नागरिकों को मतदात सूची में शामिल करना सुनिश्चित करें।

दावा-आपत्ति के क्रम में उपयोग किए जाने वाले दस्तावेज: केंद्र सरकार/राज्य सरकार/सार्वजनिक उपक्रम (पीएसयू) के नियमित कर्मचारी अथवा पेंशनभोगी को जारी कोई भी पहचान पत्र अथवा पेंशन भुगतान आदेश (पी पी ओ)। 01 जुलाई 1987 से पूर्व भारत में सरकार/स्थानीय प्राधिकरण/बैंक/डाकघर/एलआईसी/सार्वजनिक उपक्रम द्वारा जारी कोई भी पहचान पत्र/प्रमाण-पत्र/दस्तावेज। सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी जन्म प्रमाण-पत्र। पासपोर्ट। मान्यता प्राप्त बोर्ड/विश्वविद्यालय द्वारा जारी मैट्रिकुलेशन अथवा शैक्षणिक प्रमाण-पत्र।

सक्षम राज्य प्राधिकारी द्वारा जारी स्थायी निवास प्रमाण-पत्र। वन अधिकार प्रमाण-पत्र। सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी ओबीसी/एससी/एसटी अथवा अन्य जाति प्रमाण-पत्र। राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एन आर सी), जहां लागू हो। राज्य/स्थानीय प्राधिकार द्वारा तैयार परिवार रजिस्टर।सरकार द्वारा जारी भूमि/आवास आवंटन प्रमाण-पत्र। विगत विशेष गहन पुनरीक्षण (एस आई आर) की निर्वाचक नामावली का उद्धरण, जिसमें सम्बंधित मतदान केंद्र के पीडीएफ के कॉपी के प्रति में अपना/अपने संबंधी का विवरण को रेखांकित करते हुए दस्तावेज को इस्तेमाल में लाया जा सकता है। विगत विशेष गहन पुनरीक्षण से सम्बंधित दस्तावेज को सुपीरियर डॉक्यूमेंट के रूप में माना गया है।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने सभी ईआरओ एवं एईआरओ को निर्देश दिया कि दावा-आपत्ति का निस्तारण पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता एवं भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप किया जाए, ताकि प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल हो तथा कोई भी विदेशी नागरिक मतदाता सूची में सम्मिलित न हो।

इस अवसर पर अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुबोध कुमार, राज्य प्रशिक्षण नोडल पदाधिकारी देवदास दत्ता, उप निर्वाचन पदाधिकारी धीरज कुमार ठाकुर, उप निर्वाचन पदाधिकारी, लोहरदगा संजय कुमार, उप निर्वाचन पदाधिकारी, धनबाद कालिदास मुंडा, अवर निर्वाचन पदाधिकारी सुनील कुमार सिंह सहित राज्य के सभी विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों के ईआरओ, एईआरओ एवं उप निर्वाचन पदाधिकारी उपस्थित थे।

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