कानपुर , मार्च 28 -- कानपुर जिले में शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 1 अप्रैल से 'स्कूल चलो अभियान' शुरू किया जाएगा। इसकी तैयारियों को लेकर शनिवार को मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) दीक्षा जैन की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें सभी संबंधित विभागों को समन्वय के साथ कार्य करते हुए हर बच्चे को विद्यालय से जोड़ने के निर्देश दिए गए।
सीडीओ ने स्पष्ट निर्देश दिए कि ग्राम स्तर पर घर-घर संपर्क कर ऐसे बच्चों की पहचान की जाए, जो अब तक स्कूल से बाहर हैं। छह वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले सभी बच्चों का कक्षा एक में प्रवेश सुनिश्चित किया जाए तथा इसके लिए आंगनबाड़ी केंद्रों के साथ समन्वय स्थापित किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि प्रतिदिन होने वाले नामांकन की रिपोर्ट जनपद स्तर पर अनिवार्य रूप से साझा की जाए, ताकि अभियान की नियमित समीक्षा हो सके।
बैठक में यह निर्देश भी दिए गए कि कक्षा पांच उत्तीर्ण छात्रों का कक्षा छह और कक्षा आठ उत्तीर्ण छात्रों का कक्षा नौ में प्रवेश सुनिश्चित कराया जाए। गांवों में परिवार सर्वेक्षण कर स्कूल से बाहर बच्चों की सूची तैयार की जाएगी। झुग्गी-झोपड़ियों, ईंट भट्ठों और श्रमिक परिवारों के बच्चों को विशेष अभियान के माध्यम से विद्यालय से जोड़ा जाएगा। श्रम विभाग को इस दिशा में 10 हजार बच्चों के नामांकन का लक्ष्य दिया गया है।
बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि जन्म प्रमाण पत्र या आधार कार्ड न होने की स्थिति में किसी भी बच्चे को प्रवेश से वंचित नहीं किया जाएगा। अभियान के तहत विद्यालयों और विकासखंड स्तर पर रैलियां, स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी) की बैठकें और जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
मुख्य चिकित्साधिकारी हरिदत्त नेमी ने बताया कि विद्यालयों में स्वास्थ्य जांच, टीकाकरण और पोषण कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से संचालित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बच्चों के समग्र विकास के लिए स्वास्थ्य और शिक्षा दोनों पर समान ध्यान देना आवश्यक है।
सीडीओ दीक्षा जैन ने आमजन से अपील की कि यदि उनके आसपास कोई बच्चा स्कूल से वंचित दिखाई दे, तो उसका नामांकन निकटतम प्राथमिक विद्यालय में अवश्य कराएं। उन्होंने कहा कि अभियान की सफलता के लिए जनभागीदारी बेहद आवश्यक है।
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