मुंबई , अप्रैल 25 -- निजी क्षेत्र के एक्सिस बैंक को वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में 7,071 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ है जो सालाना आधार पर 0.6 प्रतिशत कम है।

बैंक के निदेशकमंडल की शनिवार सुबह हुई बैठक में वित्तीय परिणामों को मंजूरी प्रदान की गयी। निदेशकमंडल ने प्रति इक्विटी शेयर एक रुपये के लाभांश के प्रस्ताव को भी मंजूरी प्रदान की।

तिमाही के दौरान ब्याज से प्राप्त बैंक की शुद्ध आय पांच प्रतिशत बढ़कर 14,457 करोड़ रुपये पर पहुंच गयी। शुल्क से प्राप्त आय भी चार प्रतिशत बढ़कर 6,561 करोड़ रुपये रही।

आलोच्य तिमाही में परिचालन से प्राप्त राजस्व 0.5 प्रतिशत घटकर 20,480 करोड़ रुपये और परिचालन व्यय छह प्रतिशत बढ़कर 10,466 करोड़ रुपये हो गया।

प्रति इक्विटी शेयर बैंक की आमदनी एक साल पहले के 16.98 प्रतिशत से घटकर 14.74 प्रतिशत रह गयी। बैंक के पास कुल जमा 31 मार्च 2026 को एक साल पहले के मुकाबले 13.89 फीसदी बढ़कर 13,35,834 करोड़ रुपये हो गयी।

बैंक द्वारा दिया गया ऋण भी 18.52 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 12,33,570 करोड़ रुपये रहा। इसमें खुदरा ऋण आठ प्रतिशत बढ़कर 6,73,468 करोड़ रुपये और छोटे तथा मझौले उद्यमों को दिया गया ऋण 24 फीसदी बढ़कर 1,47,159 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। कॉर्पोरेट ऋण में 38 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह 4,12,943 करोड़ रुपये रहा।

तिमाही के दौरान बचत खातों और चालू खातों में औसत जमा 11 प्रतिशत बढ़ा। कुल जमा के मुकाबले इसका अनुपात (कासा अनुपात) 40 प्रतिशत रहा।

परिसंपत्ति गुणवत्ता के मोर्चे पर बैंक संघर्ष करता दिखा। उसकी शुद्ध गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (एनपीए) का अनुपात एक साल पहले के 0.33 प्रतिशत से बढ़कर 0.37 प्रतिशत पर पहुंच गया। हालांकि इसी दौरान सकल एनपीए 1.28 प्रतिशत से घटकर 1.23 प्रतिशत हो गया।

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