नयी दिल्ली , अक्टूबर 21 -- देश के पहले गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती 31 अक्टूबर को हर वर्ष की तरह गुजरात के एकता नगर में राष्ट्रीय एकता दिवस और भारत पर्व का आयोजन किया जायेगा, जिसका थीम इस बार नक्सलवाद के अंत पर रखा गया है और इस कार्यक्रम में देश के नक्सलवाद से संघर्ष की झलक देखने को मिलेगी।
इसके अलावा राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् के डेढ सौ वर्ष पूरे होने के मद्देनजर वंदे मातरम् के थीम पर भी कार्यक्रमों का आयाेजन किया जाएगा, जिसमें आनंद मठ उपन्यास पर एक नाटक का मंचन भी शामिल है। वंदे मातरम् के थीम पर बनी झांकियां भी कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण होंगी।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी इस कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस बार के कार्यक्रम में हर वर्ष की तुलना में पांच गुना अधिक लोगों को आमंत्रित किया जा रहा है और करीब 25 हजार लोगों के लिए इंतजाम किया गया है। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों से पांच हजार लोगों को आमंत्रित किया गया है। नक्सलमुक्त जिलों के लोगों द्वारा राष्ट्र गान का विशेष गायन भी कार्यक्रम में शामिल किया गया है।
केन्द्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने बुधवार को यहां एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि यह कार्यक्रम देश भर के पुलिस बल विशेष रूप से केन्द्रीय बलों के असाधारण कार्यों को समर्पित रहता है। उन्होंने कहा कि देश में नक्सलवाद के अंत को देखते हुए इस बार के कार्यक्रम का थीम नक्सलवाद के अंत पर रखा गया है।
उन्होंने कहा कि इस बार के कार्यक्रम में सबसे बड़ा बदलाव मौसम को देखते हुए यह किया गया है कि इस बार यह सुबह के बजाय शाम का होगा।
केन्द्रीय पुलिस बलों के दस्तों की परेड भी कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण होगा। इस बार जिस बल का दस्ता मंच के सामने से गुजरेगा उसके आसाधारण कार्यों की एक वीडियो क्लिप लोगों को दिखाई जाएगी। नक्सल विरोधी अभियानों में शामिल श्वान दस्ते भी परेड में शामिल होंगे। यह एकता दिवस पर पुलिस बलों की आठवीं परेड होगी। इसके बाद नक्सल प्रभावित 126 जिलों के लोग विभिन्न प्रस्तुतियों के माध्यम से नक्सलवाद के समय की अपनी परेशानियों की झलक लोगों को दिखाएंगे। इस कार्यक्रम के दौरान लोगों को विभिन्न प्रस्तुतियों के माध्यम से देश के नक्सलवाद से संघर्ष की झलक देखने को मिलेगी।
श्री मोहन ने कहा कि इसके अलावा वंदे मातरम् पर आधारित 15 झांकी भी निकलेंगी । इन झांकियों का चयन राष्ट्रीय प्रतियोगिता के माध्यम से किया गया है और इस बार इसमें केवल निजी क्षेत्र की भागीदारी होगी। ये झांकियां आम लोगों द्वारा डिजाइन की गयी हैं। इसका उद्देश्य लोगों को अपने विचारों को अभिव्यक्त करने का अवसर प्रदान करना है।
उन्होंने कहा कि एक और प्रमुख आकर्षण सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। ये कार्यक्रम गुजरात में लंबे समय से रहने वाले दूसरे राज्यों के लोगों द्वारा प्रस्तुत किए जाएंगे। इसमें करीब 5000 कलाकार देश की विविध कला संस्कृति का प्रदर्शन करेंगे। एकता दिवस की पूर्व संध्या पर 30 अक्टूबर को श्री मोदी की मौजूदगी में आनंद मठ उपन्यास पर आधारित नाटक का मंचन किया जाएगा। यह नाटक आनंद मठ के दर्शन की झलक प्रस्तुत करेगा।
एकता नगर में एकता दिवस के साथ-साथ एक से 15 नवम्बर तक भारत पर्व का भी आयोजन किया गया है। इसमें एकता दिवस कार्यक्रम में हिस्सा लेने वाले प्रतिभागियों की विशेष उपस्थिति रहेगी।
गृह सचिव ने बताया कि एकता दिवस कार्यक्रम के लिए दर्शक ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं। अब तक पांच से छह हजार लोगों ने पंजीकरण किया है।
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