चंडीगढ़ , जुलाई 14 -- पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाये जा रहे अभियान के तहत मोरिंडा के सदर थानामें तैनात सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) अवतार सिंह को 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। विजिलेंस ब्यूरो के प्रवक्ता ने मंगलवार को बताया कि यह कार्रवाई रूपनगर (रोपड़) जिले की मोरिंडा तहसील के गांव छतमला निवासी एक किसान की शिकायत पर की गयी। शिकायतकर्ता ने बताया कि उसके दिवंगत पिता ने वक्फ बोर्ड से 99 वर्ष की लीज पर करीब छह एकड़ भूमि ली हुई थी, जिसकी खेती वह कर रहा है। इसी दौरान तेजपाल सिंह नामक व्यक्ति ने कथित तौर पर जमीन के एक हिस्से पर जबरन कब्जा कर लिया और दो एकड़ मक्के की फसल नष्ट कर दी। इस संबंध में शिकायत देने के बावजूद पुलिस ने कार्रवाई शिकायतकर्ता की बजाय दूसरे पक्ष की शिकायत पर करते हुए उसके और उसकी मां के खिलाफ मामला दर्जकर लिया, जिसकी जांच एएसआई अवतार सिंह कर रहा था।

आरोप है कि एएसआई ने शिकायतकर्ता की मां का नाम मामले से हटाने के लिए पहले 50 हजार रुपये रिश्वत मांगी। बाद में सौदा35 हजार रुपये में तय हुआ। एएसआई ने पहले ही पांच हजार रुपये ले लिए थे और शेष 30 हजार रुपये देने के लिए कहा था।

शिकायतकर्ता ने रिश्वत देने से इनकार करते हुए विजिलेंस ब्यूरो के फ्लाइंग स्क्वाड, एसएएस नगर से संपर्क किया। शिकायत के सत्यापन के बाद विजिलेंस टीम ने जाल बिछाया और दो सरकारी गवाहों की मौजूदगी में एएसआई अवतार सिंह को 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।

विजिलेंस ब्यूरो ने आरोपी के खिलाफ एसएएस नगर स्थित विजिलेंस थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

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