ऋषिकेश , अप्रैल 25 -- उत्तराखंड में बीते दिनों एम्स ऋषिकेश में आयोजित दीक्षांत समारोह के दौरान उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन के आगमन पर फर्जी तस्वीरें वायरल करने के मामले में पुलिस ने 'स्वामी रसिक महाराज' नामक व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
आरोपी पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और आधुनिक फोटो एडिटिंग टूल्स का उपयोग कर उपराष्ट्रपति के साथ अपनी झूठी तस्वीरें तैयार करने और उन्हें सोशल मीडिया एवं समाचार पत्रों के माध्यम से प्रसारित करने का आरोप है।
एम्स चौकी प्रभारी देवेंद्र सिंह पंवार ने बताया कि गत 23 अप्रैल को आयोजित दीक्षांत समारोह में देश के उपराष्ट्रपति मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे। इसी दौरान आरोपी ने अपनी फेसबुक आईडी और अन्य माध्यमों से ऐसी तस्वीरें साझा कीं, जिनमें वह उपराष्ट्रपति और अन्य गणमान्य व्यक्तियों के साथ नजर आ रहा है। पुलिस जांच में ये तस्वीरें पूरी तरह फर्जी पाई गईं।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी ने एआई तकनीक और फोटो एडिटिंग सॉफ्टवेयर की मदद से इन तस्वीरों को तैयार किया। इनका उद्देश्य लोगों को भ्रमित कर समाज में अपना प्रभाव बढ़ाना और संभावित आर्थिक एवं सामाजिक लाभ प्राप्त करना था।
कोतवाली प्रभारी निरीक्षक कैलाश चंद्र भट्ट के अनुसार, आरोपी का नाम न तो कार्यक्रम के अधिकृत अतिथियों की सूची में था और न ही किसी प्रोटोकॉल में शामिल था। इसके बावजूद उसने भ्रामक तरीके से अपनी तस्वीरें तैयार कर उन्हें वायरल किया और कुछ समाचार पत्रों में भी प्रकाशित करवाया।
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। साथ ही अन्य पहलुओं की भी जांच जारी है।
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