पटना , सितंबर 21 -- बिहार की खेल एवं उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह ने सोमवार को कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के इस्तेमाल से उद्योग, स्टार्टअप और खेल के क्षेत्र में रोजगार, उद्यमिता और नवाचार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं। खेल एवं उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह ने आज मगध महिला कॉलेज में आयोजित सेमिनार में कहा कि बिहार अब बुनियादी ढांचे और कनेक्टिविटी के विकास से आगे बढ़कर तकनीक और एआई के क्षेत्र में नई संभावनाओं की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले दो दशकों में बिहार में बुनियादी सुविधाओं का व्यापक विस्तार हुआ है। अब राज्य को नई तकनीक के साथ विकास के अगले चरण की ओर बढ़ना है।

मंत्री ने कहा कि राज्य में बड़ी कंपनियों की मैन्युफैक्चरिंग इकाइयां स्थापित हो रही हैं। उन्होंने कहा कि अमूल जैसी कंपनी को महज 24 घंटे में जमीन आवंटित की गई। बिहटा के आधुनिक इरेडिएशन सेंटर के माध्यम से मखाना, सत्तू, आम और लीची जैसे उत्पाद अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया तक निर्यात किए जा रहे हैं।

मंत्री ने बताया कि स्टार्टअप नीति के तहत 31 दिनों में 74 स्टार्टअप की पहचान कर उन्हें काम शुरू करने के लिए 10-10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी गई।

मंत्री ने युवाओं और महिलाओं से एआई व नई तकनीकों को समझने तथा नीति निर्माण में अपने सुझाव देने की अपील की।

मंत्री ने कहा कि खिलाड़ी को ओलंपिक स्तर तक पहुंचाने में कोच के साथ न्यूट्रिशनिस्ट, फिजियोथेरेपिस्ट, स्पोर्ट्स साइकोलॉजिस्ट और प्रदर्शन विश्लेषकों की टीम की भूमिका होती है।उन्होंने कहा कि एआई के जरिए खिलाड़ियों के प्रदर्शन, प्रशिक्षण, पोषण और रिकवरी से जुड़े आंकड़ों का विश्लेषण कर खेल प्रशिक्षण को अधिक वैज्ञानिक बनाया जा सकता है। इससे स्पोर्ट्स इंडस्ट्री में रोजगार के नए अवसर भी विकसित होंगे। उन्होंने महिलाओं से जागरूक और मानसिक रूप से मजबूत रहने का आह्वान किया।

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