पटना , मई 24 -- बिहार की राजधानी पटना में आयोजित एआई समिट के दूसरे दिन रविवार को कृषि, कानूनी सहायता, उद्योग, शिक्षा और प्रशासन सहित विभिन्न क्षेत्रों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस(एआई) की भूमिका और संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई। पटना के शास्त्रीनगर स्थित ऊर्जा ऑडिटोरियम में आयोजित दो दिवसीय बिहार एआई समिट 2026 के समापन अवसर पर युवाओं को संबोधित करते हुए विभिन्न हिस्सों से आए विशेषज्ञों ने कहा कि कृषि कार्यों में एआई का महत्व तेजी से बढ़ रहा है। मौसम के पूर्वानुमान से लेकर फसलों की बीमारी और उसकी पहचान के साथ-साथ उपज बढ़ाने तक में एआई क्रांति ला सकता है। उन्होंने कहा कि भारत जैसे देश में सुरक्षा, स्थानीय परिस्थिति, भाषा एवं किसानों की जरूरतों को देखते हुए स्वदेशी एआई मॉडल विकसित करने की आवश्यकता है।

विशेषज्ञों ने कहा कि बिहार जैसे कृषि प्रधान राज्य में युवा एआई के माध्यम से उन्नतशील खेती कर अपना करियर संवार सकते हैं। उन्होंने बताया कि जलवायु के अनुसार फसल, सिंचाई, उर्वरक का इस्तेमाल के साथ-साथ सही समय पर सही बाजार की उपलब्धता संबंधित एआई से प्राप्त डेटा आधारित महत्वपूर्ण सूचना किसानों को काफी लाभ पहुंचा सकता है।

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