श्रीनगर , अक्टूबर 23 -- जम्मू-कश्मीर में अवामी इत्तेहाद पार्टी (एआईपी) ने राज्य सरकार से दैनिक वेतन कर्मचारियों, अस्थाई श्रमिकों और संविदा कर्मचारियों को नियमित करने के लिए एक स्पष्ट और समयबद्ध नीति बनाने की मांग की है।

पार्टी ने कहा कि लंबे समय से बनी अनिश्चितता के कारण हजारों परिवार अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं। यह मांग ऐसे समय में आई है जब ऐसी खबरें हैं कि जम्मू-कश्मीर में विभिन्न श्रेणियों के 1,00,501 कर्मचारियों को पंजीकृत किया गया है। नियमितीकरण के पुराने नियमों को अक्टूबर 2023 में रद्द कर दिया गया था और इस मामले की जांच के लिए मार्च 2025 में एक सरकारी समिति का गठन किया गया था। ताजा जानकारी के अनुसार हालांकि अभी भी एक व्यापक नीति या ढांचे का इंतजार है जो पुरानी व्यवस्था की जगह ले सके।

एआईपी के मुख्य प्रवक्ता इनाम-उन-नबी ने कहा कि सरकार आवश्यक सार्वजनिक सेवाएं चलाने के लिए इन कर्मचारियों पर निर्भर तो रह सकती है लेकिन उनके भविष्य को अनिश्चित नहीं छोड़ सकती। श्री इनाम ने कहा, "कई लोगों ने सरकारी विभागों में दशकों तक काम किया है, जबकि उन्हें अपनी नौकरी की सुरक्षा और सेवानिवृत्ति के बारे में कोई स्पष्टता नहीं है।" उन्होंने सरकार से मांग की कि वह नीति लागू करने के लिए एक स्पष्ट समय-सीमा तय करे। इसमें विभिन्न श्रेणियों के कर्मचारियों के लिए पात्रता के पारदर्शी मानदंड हों, लंबित दावों और विभागों की पिछली सिफारिशों पर निष्पक्ष विचार किया जाए और अदालती आदेशों का पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने सेवानिवृत्ति के करीब पहुंच चुके पात्र कर्मचारियों के मामलों पर प्राथमिकता से विचार करने की भी मांग की।

उन्होंने सेवानिवृत्ति के करीब पहुंच चुके पात्र कर्मचारियों के मामलों पर प्राथमिकता से विचार करने की भी मांग की। श्री इनाम ने कहा कि इस मुद्दे पर एक ठोस प्रशासनिक निर्णय लेने की जरूरत है, जो लंबे समय से काम कर रहे कर्मचारियों के जायज दावों और मौजूदा भर्ती नियमों तथा संवैधानिक आवश्यकताओं के बीच संतुलन बनाए रखे।

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