शिमला , फरवरी 17 -- अखिल भारतीय लोकतांत्रिक महिला संघ (एआईडीडब्ल्यूए) की हिमाचल प्रदेश इकाई ने राज्य के निजी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों एवं 50 प्रतिशत रियायत योजना की लाभार्थी महिलाओं से ऑनलाइन बस पास पर 236 रुपये का अतिरिक्त शुल्क वसूलने की कड़ी निंदा की है।

एआईडीडब्ल्यूए की प्रदेश अध्यक्ष रंजना जारेट और प्रदेश सचिव फालमा चौहान ने मंगलवार को एक बयान में,कहा कि जब महिलाओं के लिए बस कार्ड पहली बार शुरू किए गए थे, तब लोक मित्र केंद्रों ने प्रति कार्ड केवल 54 रुपये का शुल्क लिया था। चार महिलाओं वाले एक परिवार में, कार्ड की कुल लागत पहले 216 रुपये थी।

संघ ने आरोप लगाया कि हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) प्रशासन अब बच्चों के बस पास को ऑनलाइन करने पर बल दे रहा है, जिसके लिए 236 रुपये का अतिरिक्त शुल्क वसूला जाएगा। इसे अभिभावकों पर अनुचित वित्तीय बोझ बताते हुए संघ ने परिवहन निगम से इस निर्णय पर तत्काल पुनर्विचार करने का आग्रह किया।

महिला संघ ने कहा कि माता-पिता किताबों, नोटबुक, यूनिफॉर्म, जूते और अन्य शैक्षिक आवश्यकताओं पर बढ़ते खर्चों से जूझ रहे हैं इस बीच स्कूल फीस भी बढ़ गई है। ऐसे में रियायती बस पास पर अतिरिक्त शुल्क लगाने से परिवारों पर आर्थिक दबाव और बढ़ जाएगा।

महिला संघ ने आरोप लगाया कि परिवहन निगम ने नयी रियायत प्रणाली की शुरुआत के बाद से लगभग 390 ग्रामीण मार्गों पर परिचालन बंद कर दिया है जिसके कारण यह प्रणाली अप्रभावी हो गई है और दूरदराज की यात्रा करने वाली महिलाओं एवं छात्रों के लिए लाभदायक नहीं है।

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