मुंबई , जून 23 -- बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) की मेयर रितु तावड़े के एआईएमआईएम पार्षद समीर रमजान पटेल को पार्षद पद के अयोग्य घोषित करने पर उन्होंने मंगलवार को आरोप लगाया कि बंबई उच्च न्यायालय में उनकी याचिका लंबित होने के बावजूद मेयर ने उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया है । समीर ने इसे जल्दबाजी में लिया गया फैसला बताया है।

श्री पटेल के खिलाफ यह कार्रवाई राज्य सरकार द्वारा गठित जाति वैधता समिति द्वारा उनका जाति प्रमाण पत्र अमान्य घोषित किए जाने के बाद की गई। श्री पटेल ने कहा, "बंबई उच्च न्यायालय में 25 जून को सुनवाई होनी तय है। इसके बावजूद मेयर ने उन्हें पार्षद पद से अयोग्य घोषित कर दिया दी। मेयर को अयोग्यता की घोषणा करने से पहले उच्च न्यायालय के फैसले का इंतजार करना चाहिए था।"गौरतलब है कि सोमवार को बृहन्मुंबई नगर निगम में विपक्ष को उस समय बड़ा झटका लगा, जब मेयर की अध्यक्षता में नगर निकाय की आम सभा ने पार्षद की अयोग्यता की घोषणा की। एक सप्ताह के भीतर यह दूसरी बार है जब विपक्ष के किसी पार्षद ने अपनी सदस्यता खोई है।

इससे पहले, 18 जून को शिवसेना (यूबीटी) के पार्षद दीपक सावंत को अयोग्य घोषित किया गया था। श्री सावंत ने निकाय चुनावों में अपने नामांकन पत्र के साथ जो जाति प्रमाण पत्र जमा किया था, वह अमान्य पाया गया था।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित