कोलकाता , मार्च 25 -- पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा के परिप्रेक्ष्य में जोरदार राजनीतिक ड्रामे के बीच आल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन(एआईएमआईएम) प्रमुख असादुद्दीन ओवैसी और आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) के संस्थापक हुमायूं कबीर ने बुधवार को अपने गठबंधन को पश्चिम बंगाल के मुसलमानों के लिए एक मजबूत राजनीतिक विकल्प के तौर पर पेश किया।

दोनों पार्टियों के नेताओं ने एक मजबूत गठबंधन की पुष्टि करते हुए ने इस रणनीतिक साझेदारी पर ज़ोर दिया, जिसके बारे में उन्होंने दावा किया कि यह आने वाले दिनों में भी जारी रहेगी।

यहां आयोजित संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में एजेयूपी नेता श्री कबीर ने एआईएमआईएम प्रमुख की तारीफ़ करते हुए उन्हें अपना बड़ा भाई बताया, जबकि श्री ओवैसी ने अल्पसंख्यक समुदाय के सदस्यों के लिए एक मजबूत राजनीतिक विकल्प होने पर जोर दिया।

श्री ओवैसी ने कहा, "इस चुनाव में हमारी पूरी कोशिश मुस्लिम समुदाय का नेतृत्व खड़ा करने और उसे और मज़बूत बनाने की है, क्योंकि सरकारी आंकड़े दिखाते हैं कि जिन राज्यों में मुस्लिम अल्पसंख्यक नेतृत्व नहीं है, वहां मानव विकास के संकेतक बहुत खराब हैं और इसका राजनीतिक रूप से स्वतंत्र संबंधों से सीधा जुड़ाव है।" तृणमूल कांग्रेस सरकार की कड़ी आलोचना करते हुए उन्होंने सरकारी नौकरियों में मुसलमानों के प्रतिनिधित्व पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि लगभग 30 प्रतिशत अल्पसंख्यक आबादी होने के बावजूद पश्चिम बंगाल राज्य में सरकारी नौकरियों में मुसलमानों का प्रतिनिधित्व न के बराबर है। उन्होंने कहा , "मुसलमानों का प्रतिनिधित्व कितना है? सिर्फ 7 प्रतिशत। कितने मुस्लिम लड़के-लड़कियाँ ग्रेजुएशन पूरा नहीं कर पा रहे हैं? मालदा और मुर्शिदाबाद में पानी इतना गंदा है और उसमें आर्सेनिक मिला हुआ है।"उन्होंने दावा किया कि ये मुद्दे सीधे तौर पर राजनीतिक नेतृत्व से जुड़े हैं।

उन्होंने कहा कि कई सालों तक तृणमूल कांग्रेस ने हमारे (अल्पसंख्यक) वोट लिए और कहा कि नेतृत्व आपका है। लेकिन जमीनी स्तर पर उन्होंने (तृणमूल कांग्रेस) जो किया, वह सिर्फ ईद की नमाज़ पढ़ना था। क्या इससे हमें खाना मिलेगा या हमारे बच्चों को शिक्षा?" पांच लाख ओबीसी सर्टिफिकेट रद्द किए जाने का मुद्दा उठाते हुए, जिनमें कई मुसलमानों के सर्टिफिकेट भी रद्द हुए थे, उन्होंने कहा कि यह मौजूदा सरकार की गलती थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बंगाल में लगभग 30 प्रतिशत अल्पसंख्यक आबादी होने के बावजूद सरकारी नौकरियों में उनका प्रतिनिधित्व न के बराबर है। भाजपा की 'बीटीम'होने के आरोपों का जवाब देते हुए श्री ओवैसी ने कहा, "हम मुसलमानों की पूरी टीम हैं। हम"एम-टीम'हैं।"श्री कबीर ने पार्टी के चुनावी अभियान की योजनाओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा, "एआईएमआईएम के साथ एक अप्रैल से बहरामपुर में 20 राजनीतिक कार्यक्रम शुरू होंगे। दो चरणों में होने वाले आगामी चुनावों में, हम अपने बड़े भाई के सुझावों का पालन करेंगे।"अपनी पार्टी के लिए 'सीटी' चुनाव चिह्न जारी करते हुए श्री कबीर ने बताया कि एआईएमआईएम 10 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी, जबकि एजेयूची 294 सदस्यों वाली विधानसभा में 182 सीटों पर चुनाव लड़ेगी।

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