जयपुर , जनवरी 15 -- राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रदेश में मतदाता सूची की विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के अंतिम दिन एक सुनियोजित साजिश के तहत ईआरओ के माध्यम से बीएलओ पर कांग्रेस विचारधारा वाले मतदाताओं के नाम काटने के लिए दबाव डालने का आरोप लगाया हैं।

श्री गहलोत ने गुरुवार को अपने बयान में यह आरोप लगाते हुए कहा कि यहां तक कि फॉर्म-सात में पहले से डेटा भरकर बीएलओ को थमाया गया, जो सीधे तौर पर निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया पर हमला है। उन्होंने कहा कि आज का दिन राजस्थान में लोकतंत्र के लिए एक काले अध्याय जैसा है जिसने भाजपा को बेनकाब कर दिया है। सत्ता के मद में चूर भाजपा सरकार ने प्रशासन का दुरुपयोग कर मतदाता सूचियों में हेराफेरी का जो षड्यंत्र रचा है, वह शर्मनाक है।

श्री गहलोत ने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया के अंतिम दिन, एक सुनियोजित साजिश के तहत ईआरओ के माध्यम से बीएलओ पर दबाव डाला गया कि वे कांग्रेस विचारधारा वाले मतदाताओं के नाम काटें। कई जगहों पर प्रशासनिक अधिकारियों और बीएलओ ने इस लोकतंत्र की हत्या में शामिल होने से इंकार किया तो उन्हें सत्ताधारी पार्टी के लोगों ने तबादलों की धमकी दी है।

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