ऋषिकेश, मार्च 22 -- उत्तराखंड के राज्यपाल गुरमीत सिंह ने रविवार को अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव के समापन अवसर पर एक प्रेरणादायक संदेश देते हुए कहा कि यह आयोजन भले ही औपचारिक रूप से समाप्त हो रहा हो, लेकिन वास्तव में यह पूरी दुनिया में योग के संदेश को फैलाने की एक नई शुरुआत है।
सात दिनों तक चले इस भव्य महोत्सव में देश-विदेश से हजारों योग साधकों, पर्यटकों और आध्यात्मिक जिज्ञासुओं ने भाग लिया। गंगा तट पर बसे ऋषिकेश में आयोजित इस कार्यक्रम ने एक बार फिर इसे "विश्व की योग राजधानी" के रूप में स्थापित करने का काम किया।
राज्यपाल ने अपने संबोधन में कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि यह भारत की प्राचीन संस्कृति, परंपरा और जीवन शैली का अभिन्न हिस्सा है। उन्होंने कहा कि ऋषिकेश में आयोजित यह महोत्सव दुनिया के लोगों को भारतीय संस्कृति की गहराई से परिचित कराता है और उन्हें एक सकारात्मक जीवन जीने की प्रेरणा देता है।
उन्होंने आगे कहा कि इस आयोजन में उमड़ी भीड़ यह दर्शाती है कि आज पूरी दुनिया योग को अपनाने के लिए उत्सुक है। "हजारों लोग यहां आए, उन्होंने योग सीखा, अनुभव किया और अपने साथ एक नई ऊर्जा लेकर जा रहे हैं। मैं पूरे विश्व के लोगों को आमंत्रित करता हूं कि वे ऋषिकेश आएं और यहां योग तथा भारतीय संस्कृति की सुंदर झलक का अनुभव करें," उन्होंने कहा।
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