ऋषिकेश , जुलाई 04 -- उत्तराखंड सरकार के पांच वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर शनिवार को ऋषिकेश के आईडीपीएल मैदान में आयोजित भव्य समारोह में "सेवा, सुशासन एवं समर्पण : जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार" सेवा पखवाड़े का शुभारंभ किया गया।

कार्यक्रम का उद्घाटन उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेनि.) गुरमीत सिंह और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने संयुक्त रूप से किया। इस अवसर पर देहरादून जनपद में 219 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 51 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया।

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि सरकार अपने पांच वर्ष पूरे होने के अवसर को उत्सव के रूप में नहीं, बल्कि जनसेवा के संकल्प को और अधिक मजबूत करने के अवसर के रूप में मना रही है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2035 तक उत्तराखंड को विकसित और श्रेष्ठ राज्य बनाने के लक्ष्य के साथ सरकार सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, पर्यटन, कृषि और उद्योग सहित सभी क्षेत्रों में तेजी से कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सेवा पखवाड़े के दौरान गांव-गांव और वार्ड स्तर तक पहुंचकर लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें तथा पात्र लाभार्थियों को सरकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि स्टार्टअप नीति, होमस्टे योजना, एक जनपद-दो उत्पाद और सौर स्वरोजगार योजना के माध्यम से रोजगार एवं स्वरोजगार को बढ़ावा दिया जा रहा है। लखपति दीदी योजना के तहत 2.65 लाख से अधिक महिलाएं आत्मनिर्भर बनी हैं, जबकि पिछले पांच वर्षों में 34 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से सरकारी सेवाओं में नियुक्ति मिली है।

उन्होंने यह भी बताया कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के निवेश प्रस्तावों में से एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश धरातल पर उतर चुका है।

राज्यपाल ने मुख्यमंत्री को पांच वर्ष से अधिक समय तक मुख्यमंत्री पद का दायित्व निभाने पर बधाई देते हुए कहा कि सेवा पखवाड़ा लोकसेवा, सुशासन और जनकल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का सशक्त प्रतीक है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की सफलता तभी है, जब योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक सम्मान, संवेदनशीलता और पारदर्शिता के साथ पहुंचे।

राज्यपाल ने कहा कि समान नागरिक संहिता, नकल विरोधी कानून, धर्मांतरण विरोधी कानून और सख्त भू-कानून जैसे ऐतिहासिक निर्णयों ने उत्तराखंड में सुशासन को नई दिशा दी है। वहीं केदारनाथ-बदरीनाथ पुनर्विकास परियोजनाएं, जी-20 बैठकें, राष्ट्रीय खेल और ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट जैसे आयोजनों ने राज्य को विकास, निवेश और पर्यटन के नए केंद्र के रूप में स्थापित किया है।

कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा, कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य, डॉ. धन सिंह रावत, खजान दास, भरत चौधरी, पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल 'निशंक', राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, विधायक प्रेमचंद अग्रवाल, मुन्ना सिंह चौहान सहित अनेक जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

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