ऋषिकेश , अप्रैल 02 -- उत्तराखंड के ऋषिकेश और आसपास के क्षेत्रों में गुरुवार को हनुमान जयंती श्रद्धा और उल्लास के साथ मनायी गयी। विभिन्न मंदिरों और आश्रमों में सुंदरकांड, अखंड रामायण पाठ और भजन-कीर्तन जैसे धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।

श्री जयराम आश्रम अन्न क्षेत्र में हनुमान जन्मोत्सव के अवसर पर ऋषिकुमारों द्वारा अखंड रामायण पाठ किया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से बजरंगबली की पूजा-अर्चना की। राधा माधव संकीर्तन मंडल की ओर से भक्ति रस से सराबोर भजनों की प्रस्तुति दी गई, जिससे पूरा परिसर भक्तिमय हो उठा।

आश्रम परमाध्यक्ष ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी महाराज ने अपने संबोधन में कहा कि भगवान हनुमान केवल शक्ति के प्रतीक नहीं, बल्कि ज्ञान और सद्गुणों के भी सागर हैं। उन्होंने कहा कि हनुमान जी ने अपनी अपार शक्ति का कभी दुरुपयोग नहीं किया, जो उनके चरित्र की महानता को दर्शाता है।

कार्यक्रम के दौरान सुंदरकांड और हनुमान चालीसा के पाठ के साथ भजनों के माध्यम से मारुति नंदन की महिमा का गुणगान किया गया। इस अवसर पर शहर के अनेक गणमान्य नागरिक एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।

कोतवाली ऋषिकेश में भी हनुमान जयंती श्रद्धापूर्वक मनाई गई। यहां स्थित मंदिर में भगवान को भोग अर्पित किया गया तथा हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ किया गया। कार्यक्रम के अंत में प्रसाद वितरण किया गया। इस दौरान पुलिस उपाधीक्षक नीरज सेमवाल और प्रभारी निरीक्षक कैलाश चंद्र भट्ट सहित पुलिसकर्मी मौजूद रहे।

मनोकामना सिद्ध श्री हनुमत पीठ मंदिर में हनुमान जयंती महोत्सव धूमधाम से मनाया गया। श्रद्धालुओं द्वारा भजन-कीर्तन और हनुमान चालीसा का पाठ किया गया। पूर्व में आरंभ हुए अखंड श्रीरामचरितमानस पाठ का समापन हवन-यज्ञ की पूर्णाहुति के साथ किया गया।

महंत सच्चिदानंद शास्त्री के सानिध्य में आयोजित इस कार्यक्रम में महामंडलेश्वर डॉ. स्वामी रामेश्वरदास सहित कई प्रमुख श्रद्धालु एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

पूरे क्षेत्र में दिनभर धार्मिक आस्था और उत्साह का माहौल बना रहा, जहां श्रद्धालुओं ने हनुमान जी की आराधना कर सुख-समृद्धि की कामना की।

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