ऋषिकेश , सितंबर 14 -- उत्तराखंड के ऋषिकेश में मुनिकीरेती नगर पालिका क्षेत्र के शीशमझाड़ी में स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद बिजली के बिल में कथित तौर पर दो से चार गुना तक बढ़ोतरी होने से उपभोक्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। सोमवार को बड़ी संख्या में स्थानीय उपभोक्ताओं ने मुनिकीरेती स्थित ऊर्जा निगम के बिजलीघर पहुंचकर प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और ऊर्जा निगम के एसडीओ एनएस नेगी के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई।
स्थानीय सभासद सचिन रस्तोगी ने आरोप लगाया कि वार्ड संख्या तीन और चार में पुराने मीटर हटाकर स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। स्मार्ट मीटर लगने के बाद कई उपभोक्ताओं को पहले की तुलना में कई गुना अधिक बिजली बिल प्राप्त हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि जिन परिवारों का दो माह का बिजली बिल करीब पांच हजार रुपये आता था, अब उनका एक माह का बिल ही पांच से छह हजार रुपये तक पहुंच रहा है। इससे स्थानीय लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि बढ़े हुए बिजली बिलों को लेकर ऊर्जा निगम कार्यालय में कई बार शिकायत की गई, लेकिन समस्या का अपेक्षित समाधान नहीं हुआ। सभासद सचिन रस्तोगी ने कहा कि विभागीय स्तर पर शिकायतों का समाधान नहीं होने के कारण लोगों को मजबूर होकर विरोध प्रदर्शन करना पड़ा। उन्होंने स्मार्ट मीटर हटाकर चालू हालत में मौजूद पुराने मीटर दोबारा लगाए जाने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि बढ़े हुए बिजली बिलों की समस्या का जल्द समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। प्रदर्शन में भूपेंद्र यादव, लल्लन यादव, शिवचरण, श्रवण कुमार, पंकज गौड़, सुरेंद्र कुमार, महादेव, सुभाष पाल, अरविंद सिंह, प्रमोद मंडल, अलगू प्रसाद, सदन लाल और मारकंडे समेत कई स्थानीय लोग मौजूद रहे।
वहीं एसडीओ एनएस नेगी ने स्मार्ट मीटर में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की आशंका से इनकार किया। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं के बिजली बिल वास्तविक मीटर रीडिंग के आधार पर ही जारी किए जा रहे हैं।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित