ऋषिकेश , मई, 13 -- उत्तराखंड के ऋषिकेश के ढालवाला क्षेत्र में बुधवार को एक दर्दनाक लेकिन राहत भरी घटना सामने आई। घर में रखी चूहे मारने की दवा को कथा का प्रसाद समझकर चार बच्चों ने खा लिया। दवा खाने के कुछ देर बाद बच्चों की तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद परिजन उन्हें तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे। उपचार के बाद सभी बच्चों की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, विभिन्न कक्षाओं में पढ़ने वाले चार बच्चों ने घर में आटे के साथ मिलाकर रखी गई चूहे मारने की दवा को प्रसाद समझ लिया। बच्चों ने उसमें चीनी मिलाकर उसे खा लिया। घटना के समय घर पर कोई बड़ा सदस्य मौजूद नहीं था।
कुछ देर बाद बच्चों के पिता भजराम भट्ट घर लौटे तो उन्होंने बच्चों को उल्टियां करते देखा। पूछताछ में बच्चों ने बताया कि उन्होंने "प्रसाद" खाया है। इसके बाद चूहे मारने की दवा खाने का पता चलते ही परिवार में हड़कंप मच गया। परिजन तत्काल चारों बच्चों को सरकारी अस्पताल लेकर पहुंचे।
जानकारी के अनुसार, प्रभावित बच्चों में तीन लड़कियां और एक लड़का शामिल हैं। इनमें दो बच्चे भजराम भट्ट के हैं, जबकि दो उनकी बहन की बेटियां हैं, जो पड़ोस से उनके घर आई हुई थीं।
अस्पताल के आपातकालीन चिकित्सा अधिकारी डॉ. संतोष पंत ने बताया कि बच्चों का तत्काल उपचार शुरू किया गया। प्राथमिक उपचार के बाद सभी बच्चों की हालत में सुधार है और देर शाम तक उन्हें अस्पताल से छुट्टी दिए जाने की संभावना है।
भजराम भट्ट ने बताया कि घटना के समय वह किसी काम से बाहर गए हुए थे, जबकि उनकी पत्नी अपने बुटीक सेंटर में थीं। उन्होंने बताया कि वह दोगी पट्टी क्षेत्र के एक गांव के प्रधान हैं।
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