ऋषिकेश , मई, 17 -- महाराष्ट्र सरकार की कैबिनेट मंत्री पंकजा मुंडे उत्तराखंड के ऋषिकेश स्थित विश्व विख्यात परमार्थ निकेतन पहुंचकर गंगा आरती में शामिल हुईं। इस दौरान उन्होंने स्वामी चिदानन्द सरस्वती और साध्वी भगवती सरस्वती के सान्निध्य में आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव किया।

कार्यक्रम के दौरान आगामी नासिक महाकुंभ को लेकर विशेष चर्चा की गई। स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने रविवार को मुंबई की बाणगंगा और मीठी नदी को स्वच्छ और निर्मल बनाए रखने के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि नदियां केवल जलधाराएं नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत की पहचान हैं। उन्होंने कहा कि "स्वच्छ नदियां ही स्वस्थ समाज और जागृत राष्ट्र की आधारशिला हैं।"उन्होंने कहा कि आज विश्व पर्यावरण संकट, जल संकट और मानसिक अशांति जैसी चुनौतियों से जूझ रहा है। ऐसे समय में भारत की सनातन जीवनशैली और प्रकृति के प्रति सम्मान की भावना पूरी दुनिया को नई दिशा दे सकती है।

इस अवसर पर श्रीमती मुंडे ने परमार्थ निकेतन द्वारा संचालित जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण, पौधारोपण, स्वच्छता और प्लास्टिक मुक्त अभियान सहित विभिन्न जनजागरण कार्यक्रमों की जानकारी ली। उन्होंने इन अभियानों पर आधारित शॉर्ट फिल्म का अवलोकन भी किया। उन्होंने कहा कि परमार्थ निकेतन अध्यात्म और सेवा का अद्भुत केंद्र है, जहां संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का रूप दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता ऐसे विकास मॉडल की है, जिसमें प्रकृति, संस्कृति और मानवता का संतुलन बना रहे। उन्होंने परमार्थ निकेतन द्वारा युवाओं और समाज को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने के प्रयासों की सराहना की।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित