ऋषिकेश , मई, 11 -- उत्तराखंड के ऋषिकेश स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के शरीर क्रिया विज्ञान विभाग में सोमवार को अतिथि व्याख्यान एवं "शरीर क्रिया विज्ञान नवाचार प्रतियोगिता तथा प्रदर्शनी-2026" का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में एमबीबीएस के विद्यार्थियों ने आधुनिक तकनीक आधारित कार्यशील मॉडल और प्रोटोटाइप प्रस्तुत कर चिकित्सा शिक्षा में नवाचार की नयी दिशा दिखाई।
कार्यक्रम के दौरान आयोजित अतिथि व्याख्यान में प्रोफेसर सतीश देवपुजारी ने "मेडिकल ऐप्स से कृत्रिम बुद्धिमता (एआई) तक का सफर" विषय पर बोलते हुए स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा शिक्षा में डिजिटल तकनीकों की बढ़ती भूमिका पर विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में एआई चिकित्सा क्षेत्र की कार्यप्रणाली और उपचार प्रणाली में बड़े बदलाव लाएगा।
नवाचार प्रतियोगिता तथा प्रदर्शनी का उद्घाटन संस्थान की निदेशक प्रोफेसर डॉ. मीनू सिंह, अनुसंधान डीन प्रोफेसर शैलेंद्र हांडू, प्रोफेसर सतीश देवपुजारी, शरीर क्रिया विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रोफेसर लतिका मोहन तथा प्रोफेसर प्रशांत एम. पाटिल ने संयुक्त रूप से किया।
प्रतियोगिता में 25 टीमों ने भाग लेते हुए विभिन्न शारीरिक क्रियाविधियों और उनके नैदानिक महत्व को दर्शाने वाले मॉडल प्रस्तुत किए। विद्यार्थियों ने कोडिंग, विद्युत एवं यांत्रिक सिद्धांतों का उपयोग कर चिकित्सा उपकरणों के प्रोटोटाइप विकसित किए। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के विशेषज्ञों ने निर्णायक की भूमिका निभाई।
इस अवसर पर जैव रसायन विभाग की विभागाध्यक्ष प्रोफेसर अनीसा आतिफ मिर्जा, शरीर रचना विज्ञान विभाग के प्रमुख प्रोफेसर मुकेश सिंगला, मनोचिकित्सा विभाग के प्रोफेसर रवि गुप्ता तथा बर्न एवं प्लास्टिक सर्जरी विभाग की प्रोफेसर मधुबरी वाथुल्या सहित कई वरिष्ठ संकाय सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. अश्विनी महादुले और डॉ. दिव्या ह्यांकी ने संयुक्त रूप से किया।
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