पटना , दिसंबर 09 -- ऊर्जा विभाग के सचिव मनोज कुमार सिंह ने मंगलवार को विद्युत भवन स्थित स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर (एसएलडीसी) का निरीक्षण कर राज्य में बिजली आपूर्ति की समूची व्यवस्था का जायजा लिया।
श्री सिंह ने इस दौरान सभी श्रेणी के उपभोक्ताओं के लिये निर्बाध बिजली उपलब्धता सुनिश्चित करने को लेकर अधिकारियों, अभियंताओं और कर्मियों को ग्रिड की फ्रीक्वेंसी, वोल्टेज और पावर फ्लो का लगातार स्थल निरीक्षण करने का निर्देश दिया।
उर्जा विभाग के सचिव ने बताया कि निरंतर देखरेख ही वह प्रमुख उपाय है, जिससे राज्य के बिजली तंत्र का एकीकृत, सुरक्षित और स्थिर संचालन बनाये रखा जा सकता है। उन्होंने एसएलडीसी के उस अत्याधुनिक कंट्रोल रूम का निरीक्षण किया, जहां से 24 घंटे बिजली उत्पादन, ट्रांसमिशन और वितरण की गतिविधियों पर नजर रखी जाती है। निरीक्षण के दौरान उन्होंने वास्तविक समय में आने वाले डेटा के विश्लेषण और उसके आधार पर बिजली प्रवाह को संतुलित करने की तकनीकी प्रक्रिया को भी उन्होंने विस्तार से समझा।
श्री सिंह ने कहा कि स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर को बिहार की बिजली व्यवस्था का 'मुख्य नर्व सेंटर' माना जाता है। यही वह स्थान है जहां राज्यभर में बिजली की मांग और आपूर्ति को रीयल- टाइम में संतुलित किया जाता है, जिससे उपभोक्ताओं को गुणवत्ता युक्त, सुरक्षित और निर्बाध बिजली उपलब्ध कराई जा सके। सचिव श्री सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बढ़ती उपभोक्ता आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुये समय पर आवश्यक कदम उठायें और किसी भी तरह की तकनीकी चुनौती पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करें।
निरीक्षण के दौरान नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक राहुल कुमार समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।
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