रुद्रपुर , मई 11 -- उत्तराखंड के ऊधमसिंहनगर में सामने आए धर्मांतरण से जुड़े तीन मामलों की जांच के लिए पुलिस ने विशेष अनुसंधान दल (एसआईटी) का गठन किया है। एसआईटी का पर्यवेक्षण पुलिस उपाधीक्षक करेंगे।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसएसपी अजय गणपति ने सोमवार को जानकारी देते हुए बताया कि ऊधमसिंह नगर जिले में धर्मांतरण के कुल तीन गंभीर मामले सामने आये हैं। इनमें से दो मामले खटीमा थाना क्षेत्र से जुड़े हैं जबकि एक नानकमत्ता थाना क्षेत्र से जुड़ा हुआ है।
उन्होंने बताया कि पहले मामले में वादी रामपाल ने तहरीर देकर आरोप लगाया कि जय सिंह राणा, द्रोपती राणा तथा पास्टर सुनील जार्ज द्वारा प्रार्थना सभाओं के माध्यम से हिंदू धर्म के विरुद्ध दुष्प्रचार किया जा रहा था।
आरोप है कि बीमारी ठीक करने का झांसा और आर्थिक सहायता का लालच देकर परिवार पर ईसाई धर्म अपनाने का दबाव बनाया गया। इस मामले में कोतवाली खटीमा में अभियोग पंजीकृत किया गया है।
दूसरा मामला थाना नानकमत्ता क्षेत्र से जुड़ा है। वादी सोहन सिंह ने तहरीर देकर आरोप लगाया कि गौरी सिंह और उसके अन्य साथियों द्वारा गांव में चर्चनुमा ढांचा बनाकर मसीह धर्म का प्रचार किया जा रहा है। आरोप है कि धर्म परिवर्तन के बदले पांच लाख रुपये का प्रलोभन दिया गया तथा परिवार को डराने-धमकाने का प्रयास किया गया। पुलिस ने इस मामले में उत्तराखंड धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
तीसरे प्रकरण में वादी अंकित सिंह राणा ने आरोप लगाया कि पास्टर दान सिंह राणा द्वारा खटीमा के थारू समाज के लोगों को गुमराह करते हुए हिंदू धर्म के प्रति नफरत फैलाई जा रही है। तहरीर में कहा गया है कि सामाजिक भेदभाव समाप्त करने के नाम पर झूठे प्रलोभन देकर लोगों को ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित और प्रताड़ित किया जा रहा है। इस मामले में भी कोतवाली खटीमा में अभियोग दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
श्री गणपति के अनुसार पुलिस उपाधीक्षक विभव सैनी की अगुवाई में गठित एसआईटी टीम में संबंधित मामलों के विवेचक, थाना प्रभारियों तथा एसओजी की सर्विलांस टीम को शामिल किया गया है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित