श्रीनगर , अक्टूबर 24 -- पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच कश्मीर के 100 से अधिक उमरा यात्री मक्का एवं सऊदी अरब के अन्य हिस्सों में फंसे हुए हैं तथा वापसी की उड़ानें रद्द होने और हवाई किराये में भारी वृद्धि के कारण उनके लिए घर लौटना मुश्किल हो गया है।

सऊदी अरब के हवाई अड्डों पर हूती मिसाइल हमलों के कारण उड़ानें रद्द होने के बाद यात्री किफायती दरों पर टिकट हासिल नहीं कर पा रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि विदेश मंत्रालय उनकी वापसी की व्यवस्था करने के लिए काम कर रहा है।

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शनिवार को कहा कि दुनिया के कई अन्य हिस्सों से आये उमरा यात्रियों को भी इसी तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

उन्होंने श्रीनगर में संवाददाताओं से कहा, "उड़ानें पूरी तरह बंद नहीं हुई हैं, लेकिन किराये इतने बढ़ गए हैं कि वहां फंसे यात्री उन्हें वहन नहीं कर सकते।" उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर सरकार इस मामले को विदेश मंत्रालय के समक्ष उठायेगी। यदि मंत्रालय के पास यात्रियों को वापस लाने के लिए पर्याप्त धन नहीं हुआ, तो केंद्रशासित प्रदेश प्रशासन अपने संसाधनों से उनकी वापसी की व्यवस्था करेगा।

हालांकि, वहां फंसे यात्रियों के लिए लंबे समय से जारी इंतजार के कारण आर्थिक तंगी, दवाइयों की उपलब्धता और मानसिक स्वास्थ्य को लेकर चिंताएं बढ़ गयी हैं।

उमरा यात्रियों का 50 सदस्यीय एक समूह 25 सितंबर को श्रीनगर से रवाना हुआ था। 13 अक्टूबर को निर्धारित इंडिगो की वापसी उड़ान रद्द होने के बाद समूह के 36 सदस्य घर नहीं लौट सके। शेष 14 यात्रियों ने अपने लिए टिकटों की व्यवस्था की और कुछ दिन पहले दुबई के रास्ते भारत लौट आये।

समूह के सदस्य वकार मीर ने कहा, "जेद्दा से दुबई, मस्कट या कुवैत के रास्ते घर लौटने का किराया प्रति व्यक्ति एक लाख रुपये से अधिक है।" उन्होंने बताया कि फंसे हुए यात्री रहने और खाने-पीने का खर्च पूरा करने के लिए एक-दूसरे से पैसे उधार ले रहे हैं।

श्री मीर ने कहा कि सऊदी अरब में दवाइयां महंगी हैं और उन्हें खरीदने के लिए अक्सर स्थानीय डॉक्टर के पर्चे की जरूरत होती है। उन्होंने बताया कि कुछ बुजुर्ग यात्रियों की जरूरी दवाइयां खत्म होने वाली हैं। उनके अनुसार, समूह के कई सदस्यों को चिंता और घबराहट के दौरे भी पड़े हैं, जबकि कुछ लोग गंभीर मानसिक परेशानी से जूझ रहे हैं।

टूर ऑपरेटर ने उड़ान रद्द होने को 'दैवीय आपदा' बताते हुए समूह की सहायता करने में असमर्थता जतायी है। वहीं, यात्रियों ने कहा कि भारतीय दूतावास ने उन्हें बताया कि उनकी जिम्मेदारी टूर ऑपरेटर की है। अधिकारियों ने उन्हें सऊदिया, फ्लाइनास या एमिरेट्स की उड़ानों पर विचार करने का सुझाव दिया है। इनमें पड़ोसी देशों के रास्ते जाने वाले विकल्प भी शामिल हैं।

श्री मीर ने कहा, "हम सभी अपने हाल पर छोड़ दिये गये हैं।" यह व्यवधान सऊदी अरब और यमन के हूती विद्रोहियों के बीच संघर्ष में तेज वृद्धि के बीच सामने आया है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बृहस्पतिवार को बताया था कि पिछले एक सप्ताह में सऊदी अरब में फंसे करीब 3,000 उमरा यात्री भारत लौट चुके हैं। इसके अलावा, पहले से टिकट बुक करा चुके 10,000 से अधिक अन्य यात्री भी वापस आये हैं। उन्होंने कहा कि बाकी यात्रियों की वापसी की व्यवस्था पर चर्चा की जा रही है।

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