नैनीताल , नवंबर 03 -- उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने नाबालिग लड़की से यौन शोषण के आरोपी उस्मान खान के जमानत प्रार्थना पत्र पर सोमवार को सुनवाई करते हुए जांच अधिकारी पर दस हजार रुपए का जुर्माना लगाया है।
न्यायमूर्ति आलोक वर्मा की पीठ में इस मामले की सुनवाई हुई। सरकार की ओर से आज और समय की मांग करते हुए कहा गया कि वह इस मामले में कुछ और दस्तावेज अदालत में पेश करना चाहती है।
आरोपी की ओर से इसका विरोध करते हुए कहा गया कि राज्य सरकार इस मामले को लटका रही है। 19 जुलाई को सरकार आपत्ति दर्ज कर चुकी है जबकि 16 सितंबर को फोरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (एफएसएल) की रिपोर्ट भी पेश करने के साथ ही जवाबी हलफ़नामा दायर कर चुकी है।
अब राज्य सरकार दस्तावेज़ दाखिल करने के नाम पर और समय की मांग कर रही है। आरोपी के अधिवक्ता डा0 कार्तिकेय हरि गुप्ता ने कहा कि पीठ ने सरकार को अंतिम अवसर देते हुए 13 नवंबर की तिथि तय कर दी और साथ ही जांच अधिकारी पर दस हज़ार रुपये का जुर्माना लगा दिया है।
इस मामले में अगली सुनवाई 13 नवंबर को होगी।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित