धार , अगस्त 12 -- मध्यप्रदेश के धार नगर में पार्श्वनाथ धर्मशाला में पूज्य साध्वी श्री जीतेशरत्ना श्रीजी महाराज सा. आदि ठाणा के चातुर्मास सानिध्य में आगमोद्दारक गुरुदेव श्री आनंदसागरसुरीश्वरजी महाराज सा. का 152वां जन्मोत्सव उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों में समाजजनों ने बढ़-चढ़कर सहभागिता की।
कार्यक्रम की शुरुआत विशेष प्रवचन और सामूहिक सामायिक से हुई, जिसमें कुल 144 सामायिक संपन्न हुईं। इस दौरान संघ की श्राविकाओं नीता रांका, ऋचा जैन, श्वेता गुप्ता, श्रुति नाहर और अंजिता कामदार ने गुरुदेव के जीवन एवं उनके कार्यों पर प्रकाश डालते हुए उनकी अनुमोदना की।
प्रवचन के बाद गुरुदेव द्वारा आगम शास्त्रों के उद्धार और उन्हें सुव्यवस्थित किए जाने के स्मरण में आगम शास्त्रों की शोभायात्रा निकाली गई। सामायिक करने वाले साधर्मिक स्वजनों की प्रभावना लाभार्थी परिवार की ओर से की गई, जबकि भाते की प्रभावना सुराना परिवार की ओर से रखी गई।
पूज्य साध्वी श्री ने प्रवचन में आगम शास्त्रों की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए समाजजनों को उनसे सीख लेकर जीवन को सार्थक बनाने की प्रेरणा दी।
श्री संघ के पीयूष जैन ने बताया कि आगामी 16, 17 और 18 अगस्त को सामूहिक तेले की तपस्या संपन्न होगी। उन्होंने समाजजनों से अधिक से अधिक संख्या में नाम दर्ज करवाकर धर्मलाभ लेने का आग्रह किया। सामूहिक तेले के पारणे श्री पार्श्वनाथ धर्मशाला में होंगे, जिसका लाभ श्रीमती चांदबाई चांदमल तांतेड़ परिवार ने लिया है।
कार्यक्रम का संचालन विजय मेहता ने किया। इस अवसर पर श्री संघ अध्यक्षद्वय प्रकाश बाफना, वर्धमान सुराना और चातुर्मास समिति अध्यक्ष रोहित नाहर सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।
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