बैतूल , जुलाई 15 -- मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में भारतीय किसान संघ (मध्य भारत प्रांत) की जिला इकाई ने किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए उर्वरक की कालाबाजारी रोकने, ई-टोकन व्यवस्था में सुधार और समर्थन मूल्य पर मूंग खरीदी सुनिश्चित करने की मांग की है। संगठन ने चेतावनी दी है कि मांगों का शीघ्र समाधान नहीं होने पर जिले में अनिश्चितकालीन धरना-आंदोलन किया जाएगा।

संगठन के प्रतिनिधियों ने बडोरा मंडी में ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि वर्तमान में किसान खाद की कमी, कालाबाजारी और उर्वरक वितरण की जटिल व्यवस्था से परेशान हैं। उन्होंने मांग की कि ग्रीष्मकालीन मूंग की खरीदी समर्थन मूल्य पर शत-प्रतिशत की जाए। यदि यह संभव नहीं है तो वर्ष 2025 की तरह वर्ष 2026 में भी 12 क्विंटल प्रति हेक्टेयर की सीमा के आधार पर खरीदी शुरू की जाए, ताकि अधिक से अधिक किसानों को इसका लाभ मिल सके।

किसान संघ ने उर्वरक वितरण की ई-टोकन व्यवस्था पर भी आपत्ति जताते हुए कहा कि किसानों को खाद लेने के दौरान एसएसपी और डीएपी जैसे उर्वरकों की अनिवार्य खरीद के लिए बाध्य किया जा रहा है, जिससे उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। संगठन ने मांग की कि किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुसार ही उर्वरक उपलब्ध कराया जाए तथा प्रत्येक विकासखंड में मांग के अनुरूप पर्याप्त मात्रा में खाद की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।

ज्ञापन में वर्ष 2025 की खरीफ फसल खराब होने से प्रभावित किसानों के लंबित मामलों का भी उल्लेख किया गया। किसान संघ ने मांग की कि इन प्रकरणों का शीघ्र निराकरण कर प्रभावित किसानों को राहत प्रदान की जाए।

संगठन ने कहा कि यदि खाद की कालाबाजारी पर प्रभावी रोक नहीं लगी, उर्वरक वितरण व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया और अन्य मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो भारतीय किसान संघ जिले में अनिश्चितकालीन धरना-आंदोलन शुरू करेगा, जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित