उरई , मई 12 -- उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में नगर पालिका परिषद उरई में टेंडर प्रक्रिया, भुगतान और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों से जुड़े मामलों को लेकर विवाद गहरा गया है। विभिन्न वार्डों के सभासदों ने अधिशासी अधिकारी (ईओ) के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय को ज्ञापन सौंपकर नगर पालिका के कार्यों में पारदर्शिता की मांग की है। सभासद विपिन सेठ, आरती, ज्योति, जयशंकर द्विवेदी, पुष्पा देवी अग्रवाल, माता प्रसाद और वीरेंद्र कुमार वर्मा समेत अन्य जनप्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि नगर पालिका द्वारा कराए जा रहे कई कार्यों में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है, जिससे सभासदों में असंतोष व्याप्त है।

ज्ञापन में कहा गया है कि पांच फरवरी और 16 फरवरी को ई-निविदा के माध्यम से आमंत्रित टेंडरों में कितनी फर्मों और ठेकेदारों ने भाग लिया, इसकी विस्तृत जानकारी और संबंधित अभिलेखों की छायाप्रति उपलब्ध कराई जाए। सभासदों ने वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 में अस्थायी रैन बसेरों की निविदा प्रक्रिया, शामिल ठेकेदारों की संख्या और किए गए भुगतान का पूरा ब्यौरा भी मांगा है। इसके साथ ही लहारियापुरवा और मेडिकल कॉलेज स्थित शेल्टर होम पर वर्ष 2023 से अब तक हुए खर्च का विवरण उपलब्ध कराने की मांग की गई है।

ज्ञापन में आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की नई निविदा प्रक्रिया शीघ्र पूरी कराने, सफाई कर्मियों के पीएफ एवं अन्य देय भुगतान सुनिश्चित करने तथा एक अप्रैल 2025 से अब तक बोर्ड फंड से हुए व्यय का पूरा लेखा-जोखा उपलब्ध कराने की भी मांग की गई है।

सभासदों ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर मांगी गई जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई तो नगर पालिका परिसर में धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।

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