मेरठ , मई 26 -- कभी छह लोगों की सनसनीखेज हत्या के आरोप में सुर्खियों में आया वाजिद सोमवार को तिहाड़ जेल की सलाखों से निकलकर दूल्हे के रूप में नजर आया। उम्रकैद की सजा काट रहे इस कैदी को रिश्तेदार युवती से निकाह के लिए दस घंटे की पैरोल मिली जिसके बाद कड़ी सुरक्षा के बीच उसका निकाह संपन्न कराया गया।

दिल्ली पुलिस की निगरानी में वाजिद को मेरठ के दौराला थाने लाया गया और वहां से गांव समौली अख्तियारपुर पहुंचाया गया। गांव में सादगी भरे माहौल में जानी क्षेत्र के पावटी अफजलपुर निवासी नसीम अहमद अंसारी की पुत्री यासमीन के साथ उसका निकाह पढ़ाया गया। पूरे कार्यक्रम के दौरान स्थानीय पुलिस और दिल्ली पुलिस की पैनी नजर बनी रही। निकाह की रस्म पूरी होते ही पुलिस वाजिद को वापस अपने साथ तिहाड़ जेल ले गई।

पुलिस उपाधीक्षक दौराला प्रकाशचंद अग्रवाल ने मंगलवार को बताया कि पैरोल की अवधि समाप्त होने के बाद दोषी को सुरक्षित दिल्ली रवाना कर दिया गया। यह वही वाजिद है जिसे करीब दस वर्ष पहले दिल्ली के चर्चित मुस्लिम त्यागी परिवार हत्याकांड में दोषी ठहराया गया था। इस वारदात ने उस समय पूरे इलाके को झकझोर दिया था। कारोबारी मुस्लिम त्यागी और उनके दो बेटों की हत्या कर शव दिल्ली स्थित फ्लैट में दफना दिए गए थे जबकि उनकी पत्नी और दो बेटियों के शव मुजफ्फरनगर के काली नदी क्षेत्र में छिपाए गए थे।

करीब एक सप्ताह बाद दिल्ली पुलिस ने इस बहुचर्चित हत्याकांड का खुलासा करते हुए छह शव बरामद किए थे और आरोपियों को गिरफ्तार किया था। अदालत ने मामले में वाजिद को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी।

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