रायपुर , मार्च 09 -- छत्तीसगढ़ विधानसभा में सोमवार को उप मुख्यमंत्री अरुण साव के विभागों के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु 14 हजार 655 करोड़ 73 लाख 55 हजार रुपये की अनुदान मांगें पारित कर दी गईं। इन प्रावधानों में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, लोक निर्माण, नगरीय प्रशासन एवं विकास तथा खेल एवं युवा कल्याण विभाग शामिल हैं।

सदन में चर्चा का जवाब देते हुए उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि सरकार की नीति, नीयत, कार्यक्रम और योजनाएं बजट में स्पष्ट रूप से दिखाई देती हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने पहले वर्ष 'ज्ञान', दूसरे वर्ष 'गति' और इस वर्ष 'संकल्प' की थीम पर बजट प्रस्तुत किया है और यह बजट जनकल्याण तथा जन आकांक्षाओं को पूरा करने वाला है।

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के तहत जल जीवन मिशन के कार्यों को पूरा करने के लिए वर्ष 2026-27 के बजट में 3000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके माध्यम से लगभग 9 लाख परिवारों को पेयजल उपलब्ध कराने और शेष योजनाओं को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

राज्य में अब तक 5077 पानी की टंकियां बनाई जा चुकी हैं और 5028 से अधिक गांवों को 'हर घर जल' प्रमाणित किया गया है। मिशन के अंतर्गत स्वीकृत 29,173 सिंगल विलेज योजनाओं में से करीब 7 हजार योजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं।

इसके अलावा 44 समूह जल प्रदाय योजनाओं के लिए 260 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित लगभग तीन लाख हैंडपंपों के संचालन-संधारण के लिए 25 करोड़ रुपये और सोलर पंपों के संचालन-संधारण के लिए 3 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

लोक निर्माण विभाग के तहत आगामी बजट में सड़क, पुल और भवनों के निर्माण तथा मरम्मत के लिए 9451 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। राजधानी रायपुर सहित संभागीय मुख्यालयों में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कई फ्लाईओवर निर्माण प्रस्तावित किए गए हैं।

सड़क सुरक्षा कार्यों और दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए 51 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वहीं ओपीआरएमसी योजना के अंतर्गत 1534 किलोमीटर सड़कों के नवीनीकरण और नियमित संधारण के लिए 180 करोड़ रुपये रखे गए हैं।

नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के तहत प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 और गृह प्रवेश सम्मान योजना के लिए 909.50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। स्वच्छ भारत मिशन 2.0 के लिए 467.50 करोड़ रुपये और मिशन अमृत 2.0 के लिए 512 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।

इसके अलावा मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना के लिए 450 करोड़ रुपये, नालंदा परिसर निर्माण के लिए 100 करोड़ रुपये तथा विभिन्न नगरीय निकायों में अधोसंरचना विकास के लिए 840 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

आगामी वर्ष दो नई योजनाएं भी शुरू की जाएंगी। भूमिगत विद्युतीकरण योजना के लिए 100 करोड़ रुपये और आदर्श शहर समृद्धि योजना के लिए 200 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।

खेल एवं युवा कल्याण विभाग के तहत मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। छत्तीसगढ़ क्रीड़ा प्रोत्साहन योजना के लिए 57 करोड़ रुपये और खेल अकादमियों के लिए 15 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।

राज्य युवा महोत्सव, बस्तर ओलंपिक और सरगुजा ओलंपिक के आयोजन के लिए 5-5 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

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