बरेली , अक्टूबर 13 -- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के करीब 68 हजार ग्राम प्रहरियों का मानदेय 2,500 रुपये से बढ़ाकर 3,500 रुपये प्रतिमाह करने की घोषणा की। इसके साथ ही ग्राम प्रहरियों और उनके परिवारों को सालाना पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा देने की भी घोषणा की गई।

मुख्यमंत्री ने मंगलवार को बरेली पुलिस लाइन में आयोजित ग्राम प्रहरी सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि वर्ष 2017 में ग्राम प्रहरियों को 1,500 रुपये मानदेय मिलता था, जिसे वर्ष 2019 में बढ़ाकर 2,500 रुपये किया गया। अब उनकी जिम्मेदारियों के साथ सुविधाओं में भी वृद्धि की जा रही है।

योगी ने कहा कि शहरों में सीसीटीवी कैमरे जिस तरह अपराधियों पर नजर रखते हैं, उसी तरह गांवों में ग्राम प्रहरी सुरक्षा व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उन्हें संदिग्ध गतिविधियों, अपराध, जमीन पर अवैध कब्जे और शांति भंग की आशंका की सूचना तत्काल पुलिस तक पहुंचानी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिया कि थानाध्यक्ष या क्षेत्र का उपनिरीक्षक सप्ताह में कम से कम एक दिन ग्राम प्रहरियों के साथ बैठक करे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में पर्व-त्योहारों के दौरान उपद्रव की आशंका बनी रहती थी। मुट्ठी भर अराजक तत्वों की गतिविधियों का खामियाजा पूरे प्रदेश को भुगतना पड़ता था। दूसरे राज्यों में उत्तर प्रदेश के लोगों को अपनी पहचान छिपानी पड़ती थी, लेकिन अब प्रदेश की छवि बदली है।

उन्होंने कहा कि पहले सत्ता में बैठे लोग ही लूटपाट कराते थे और पुलिस कार्रवाई करने से हिचकती थी। अब अपराधियों में कानून का भय है। माफिया के खिलाफ कार्रवाई और बेहतर कानून-व्यवस्था से प्रदेश में निवेश, व्यापार और रोजगार के अवसर बढ़े हैं।

योगी ने ग्राम प्रहरियों से वन्यजीवों के खतरे, अफवाहों और भू-माफिया की गतिविधियों के बारे में प्रशासन को समय पर सूचना देने की अपील की। उन्होंने कहा कि गांव सुरक्षित होंगे तो आत्मनिर्भरता का रास्ता मजबूत होगा। पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने भी ग्राम प्रहरियों को गांव और थाने के बीच महत्वपूर्ण कड़ी बताते हुए साइबर ठगी तथा सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों के प्रति ग्रामीणों को जागरूक करने पर जोर दिया।

समारोह में मुख्यमंत्री ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले 11 ग्राम प्रहरियों को साफा पहनाकर और उपहार देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह, अन्य जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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