लखनऊ , फरवरी 18 -- उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिनवा ने मतदाता सूची पुनरीक्षण और फॉर्म-6, 7 व 8 से जुड़े मामलों पर विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि पिछले दिनों की प्रगति का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया जा रहा है और 27 मार्च तक सभी लंबित सुनवाई पूरी कर ली जाएंगी।

उन्होंने बताया कि बड़ी संख्या में मतदाताओं ने अब तक मैपिंग या मिलान नहीं कराया था। लगभग 1.40 करोड़ लोगों ने मैपिंग नहीं कराई, जबकि 2.22 करोड़ लोगों ने मिलान कराया लेकिन उसमें भिन्नता पाई गई। इनमें से 1.15 करोड़ मामलों की सुनवाई पूरी की जा चुकी है।

रिनवा ने बताया कि पिछले तीन दिनों में ही 33 लाख सुनवाई पूरी की गई हैं। वर्तमान में प्रतिदिन 10 लाख से अधिक मामलों का निस्तारण किया जा रहा है और कुल 13,161 अधिकारी सुनवाई में लगाए गए हैं।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि एक करोड़ चार लाख ऐसे मतदाता हैं जिन्होंने अब तक मिलान नहीं कराया है। उन्हें नोटिस जारी किए गए हैं। तार्किक भिन्नता और विसंगति वाले मामलों में बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) को निर्देश दिए गए हैं कि वे घर-घर जाकर नोटिस की सेवा सुनिश्चित करें। "नो मैपिंग" वाले नोटिस के साथ आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी भी दी जा रही है।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अब तक कुल 54,40,156 फॉर्म प्राप्त हुए हैं। इनमें 70,965 मतदाताओं ने स्वयं नाम विलोपन के लिए फॉर्म-8 भरा है, जबकि 16,863 मामलों में स्वतः फॉर्म-7 जनरेट हुआ है। उन्होंने कहा कि फॉर्म-7 की जानकारी राजनीतिक दलों को उपलब्ध कराई जानी चाहिए और फॉर्म-10 प्रतिदिन संबंधित जिलाधिकारी की वेबसाइट पर अपलोड किया जा रहा है।

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