लखनऊ , अक्टूबर 09 -- उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष आराधना मिश्रा 'मोना' ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर निर्वाचन आयोग से जवाब मांगा है।
उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में एसआईआर के दौरान 2.96 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए गए, जबकि करीब 16 लाख नए मतदाताओं को जोड़ने से संबंधित विवरण सार्वजनिक किए जाने पर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने 85,854 फॉर्म-7 की प्रक्रिया की भी जांच कराने की मांग की है।
शुक्रवार को जारी बयान में आराधना मिश्रा ने कहा कि मतदाता सूची में इतने बड़े बदलाव किन आधारों पर किए गए, निर्वाचन आयोग को इसका स्पष्ट और श्रेणीवार विवरण देना चाहिए।
उन्होंने पूछा कि हटाए गए नामों में कितने मृत मतदाताओं, स्थायी रूप से दूसरी जगह चले जाने, दोहरी प्रविष्टियों और अन्य कारणों से हटाए गए। उन्होंने प्रभावित मतदाताओं को अपना पक्ष रखने का अवसर दिए जाने की जानकारी भी मांगी।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने फॉर्म-6 के जरिए करीब 16 लाख नए मतदाताओं को जोड़ने की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए पूछा कि उनके आवेदन कब प्राप्त हुए और नाम जोड़ने से संबंधित निर्धारित सार्वजनिक सूचनाएं उपलब्ध कराई गईं या नहीं। उन्होंने मुख्य निर्वाचन अधिकारी और भारत निर्वाचन आयोग से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।
आराधना मिश्रा ने 85,854 फॉर्म-7 तैयार किए जाने के आधार, उनके पीछे दर्ज आपत्तियों और इनके जरिए हटाए गए नामों की संख्या का ब्योरा भी मांगा। उन्होंने कहा कि प्रत्येक मामले में निर्धारित प्रक्रिया का पालन और मतदाताओं को सुनवाई का अवसर दिया जाना सुनिश्चित होना चाहिए।
उन्होंने निर्वाचन आयोग से नाम हटाने के कारणवार आंकड़े और संबंधित रिकॉर्ड सार्वजनिक करने की मांग करते हुए कहा कि मतदाता सूची की विश्वसनीयता लोकतंत्र की बुनियाद है।
किसी पात्र नागरिक का नाम गलत तरीके से हटने पर उसका मताधिकार प्रभावित हो सकता है। कांग्रेस ने नियमों के उल्लंघन की स्थिति में निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारी तय करने की मांग की।
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